मर्सिडीज-बेंज ने अपने कर्मचारियों को सूचित किया है कि पहली तिमाही में मुनाफे में 17% की गिरावट दर्ज करने के बाद, उन्हें बिना किसी आर्थिक मुआवजे के अपने कार्य दिवस का विस्तार करना होगा। कंपनी जुलाई के लिए निर्धारित एक विशेष भुगतान को 2027 तक स्थगित भी कर रही है। यूनियन ने आलोचना की है कि श्रमिक संकट की लागत वहन कर रहे हैं। नागरिकों के लिए, यह समायोजन इस बात का सबूत है कि बड़ी जर्मन कंपनियां भी आर्थिक दबाव से सुरक्षित नहीं हैं।
ऑटोमेशन उत्पादन में कटौती को नहीं रोकता 🤖
जहां मर्सिडीज रोबोटिक असेंबली लाइनों और लचीली उत्पादन प्रणालियों में निवेश कर रही है, वहीं बिना वेतन वृद्धि के कार्य दिवस बढ़ाने का निर्णय इस वादे से टकराता है कि प्रौद्योगिकी कार्यभार को कम करेगी। AI-सहायता प्राप्त शिफ्ट प्लानिंग सिस्टम, जो काम की गति को अनुकूलित करते हैं, अब व्यक्तिगत समय की कीमत पर दक्षता को प्राथमिकता देते हैं। विरोधाभास स्पष्ट है: अधिक ऑटोमेशन का मतलब कम घंटे नहीं, बल्कि मार्जिन बनाए रखने के लिए कर्मचारी पर अधिक दबाव है।
मर्सिडीज का नया प्रीमियम फीचर: मुफ्त काम 💸
ऐसा लगता है कि मर्सिडीज ने असली जर्मन लक्जरी ढूंढ ली है: अपने कर्मचारियों से उनका समय दान करवाना। अगर पहले जुलाई में एक विशेष भुगतान अतिरिक्त था, तो अब यह 2027 तक धैर्य का बोनस है। कर्मचारी, हालांकि, यह जानकर खुद को सांत्वना दे सकते हैं कि उनका अतिरिक्त प्रयास शेयरधारकों के लाभांश को बनाए रखने में मदद करेगा। आखिरकार, जब आपके पास तीन-नुकीले तारे को संभालने का सम्मान हो तो वेतन की किसे जरूरत है?