इतालवी रेलवे कंपनी Italo 2028 में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ जर्मनी में प्रवेश करने की योजना बना रही है। यह म्यूनिख-फ्रैंकफर्ट-कोलोन-डॉर्टमुंड और म्यूनिख-बर्लिन-हैम्बर्ग जैसे मार्गों को कवर करेगी। डॉयचे बान की निदेशक ने चेतावनी दी है कि इससे अनियंत्रित प्रतिस्पर्धा हो सकती है, जिससे केवल प्रमुख मार्गों को लाभ होगा जबकि कम लाभदायक क्षेत्रों में कनेक्शन की उपेक्षा की जाएगी।
जर्मन रेल पर इतालवी तकनीक और हाई स्पीड 🚄
Italo Alstom AGV और ETR1000 ट्रेनों का संचालन करता है जो 300 किमी/घंटा की गति तक पहुंचने में सक्षम हैं। जर्मनी में, हाई-स्पीड बुनियादी ढांचा आंशिक रूप से विकसित है, जो फ्रैंकफर्ट-कोलोन जैसे खंडों में क्षमता को सीमित करता है। तकनीकी अंतर-संचालन महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि जर्मन सिग्नलिंग और विद्युतीकरण प्रणालियों में अनुकूलन की आवश्यकता है। इतालवी कंपनी प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने गतिशील मूल्य निर्धारण मॉडल का उपयोग करने की योजना बना रही है, लेकिन यह DB Netz द्वारा टाइम स्लॉट आवंटन पर निर्भर करेगा।
DB घबरा गया: गाँव में कम ट्रेनें, शहर में अधिक पैसा 🚲
जहाँ Italo बड़े शहरों को जोड़ने की तैयारी कर रहा है, वहीं Oberammergau और ब्लैक फॉरेस्ट में खोए अन्य गाँवों के यात्री अपनी साइकिलें तैयार कर सकते हैं। DB अनियंत्रित प्रतिस्पर्धा पर चिंता व्यक्त कर रहा है, लेकिन शायद उसे अपनी देरी के बारे में अधिक चिंतित होना चाहिए। अंत में, सभी को लाभ होता है: म्यूनिख से बर्लिन के यात्रियों को वाई-फाई और कॉफी मिलेगी, और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बस स्टॉप पर पढ़ने के लिए अधिक समय मिलेगा।