
नासा का SPHEREx वेधशाला ने पूरे आकाश का पहला इन्फ्रारेड मानचित्र पूरा किया
इन्फ्रारेड खगोल विज्ञान ने अभी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। अंतरिक्ष दूरबीन SPHEREx ने आकाशीय गोले की पूरी स्कैनिंग पूरी कर ली है, जिससे निकट इन्फ्रारेड में 102 विभिन्न बैंडों में पहला पूर्ण गणना उत्पन्न हुआ है। यह परियोजना, जो 645 किमी ऊंचाई पर सौर ध्रुवीय कक्षा से संचालित है, दो वर्षों के ममने की मेहनत के बाद अपनी मुख्य चरण को समाप्त करती है। 🛰️
एक अभूतपूर्व ब्रह्मांडीय एटलस
यह उपकरण न केवल सैकड़ों मिलियन आकाशगंगाओं की स्थिति का मानचित्रण कर चुका है, बल्कि उनकी अनूठी स्पेक्ट्रल छाप को भी कैद कर लिया है। इससे वैज्ञानिक दूरस्थ वस्तुओं की रासायनिक संरचना की पहचान कर सकेंगे, तारों के जन्म वाले क्षेत्रों में बर्फीला पानी और कार्बनिक अणुओं की तलाश करेंगे। नासा ने पहले ही इस सार्वभौमिक पैनोरमा को दिखाने वाला एक वीडियो प्रसारित कर दिया है।
मिशन की मुख्य विशेषताएं:- पूर्ण स्पेक्ट्रल कवरेज: 102 विभिन्न इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य में आकाश का विश्लेषण।
- एकाधिक स्कैन: अपनी मिशन के दौरान डेटा को परिष्कृत करने के लिए कई पूर्ण पास करता है।
- अनुकूलित कक्षा: स्थिर और निरंतर अवलोकनों की अनुमति देने वाली सौर ध्रुवीय कक्षा से संचालित।
SPHEREx का अंतिम अभिलेख विश्व वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक सार्वजनिक संसाधन होगा, जो ब्रह्मांड के इस मानचित्र तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाएगा।
जीवन के घटकों और ब्रह्मांड की संरचना का deciphering
एकत्रित डेटा का मूल्य ब्रह्मांड विज्ञान के लिए अमूल्य है। यह बड़े पैमाने पर आकाशगंगाओं के समूहन का विश्लेषण करने और ब्रह्मांडीय विकास का पता लगाने की अनुमति देगा। इसके अलावा, इस स्पेक्ट्रम रेंज में अभूतपूर्व विवरण के साथ हमारी आकाशगंगा की संरचना और इतिहास की जांच की जा सकेगी।
मुख्य वैज्ञानिक अनुप्रयोग:- सटीक ब्रह्मांड विज्ञान: ब्रह्मांडीय मुद्रास्फीति और पहली आकाशगंगाओं के निर्माण का अध्ययन।
- अंतरिक्ष रसायन विज्ञान: आकाशगंगा में कार्बनिक अणुओं और पानी के वितरण का पता लगाना।
- आकाशगंगीय पुरातत्व: आकाशगंगा के इतिहास और संरचना को समझना।
भविष्य की विज्ञान के लिए एक विरासत
यह पहला «ब्रह्मांड का इन्फ्रारेड सेल्फी», जो केवल कक्षा में एक दूरबीन और अवलोकन समय की मदद से हासिल किया गया, मौलिक प्रश्नों को हल करने के लिए आधार तैयार करता है। खगोलशास्त्री भरोसा करते हैं कि यह मानचित्र जीवन के निर्माण खंडों के वितरण को समझने और ब्रह्मांड के विस्तार के रहस्यों को उजागर करने में मदद करेगा। ब्रह्मांड के पास अब इन्फ्रारेड प्रकाश में उसका सबसे पूर्ण चित्र है। 🌌