रॉकस्टार गेम्स के पूर्व डेवलपर ओरेन कोरेन ने GTA 6 के निर्माण के दौरान अपना पद छोड़ दिया और एक व्यक्तिगत परियोजना शुरू की। इसका परिणाम है Don't Lose Aggro, एक इंडी गेम जो रोगुलाइक की संरचना को MMO की अनुभूति के साथ मिलाता है, लेकिन एकल खिलाड़ी के लिए। खिलाड़ी टैंक की भूमिका निभाता है, डंगऑन और रेड-प्रकार के मुठभेड़ों में AI द्वारा नियंत्रित सहयोगियों के एक समूह की रक्षा करता है। इसका विचार टैंकिंग के सामरिक सार को पकड़ना है, बिना सामाजिक दबाव या मल्टीप्लेयर गेम्स के लंबे सत्रों के।
AI रेड समूह के रूप में: स्वायत्त साथियों का डिज़ाइन 🧠
Don't Lose Aggro का तकनीकी केंद्र AI द्वारा नियंत्रित साथियों के व्यवहार में निहित है। कोरेन ने एक ऐसी प्रणाली डिज़ाइन की जहां पारंपरिक MMO समूह की प्रत्येक भूमिका – हीलर, डीपीएस, सपोर्ट – कुछ स्वायत्तता वाले बॉट्स द्वारा निभाई जाती है। चुनौती उनकी क्षमता को संतुलित करना था ताकि खिलाड़ी को लगे कि वह एक वास्तविक समूह का नेतृत्व कर रहा है, बिना AI इतना परिपूर्ण हो कि टैंक की मुख्य भूमिका के महत्व को कम करे। गेम वास्तविक समय में खतरे (aggro) और प्रत्येक AI की प्राथमिकताओं को संसाधित करता है, जिससे समन्वित युद्ध का एक सिमुलेशन बनता है।
विषाक्त 'हीलर' को अलविदा: आपका हीलर अब एक आज्ञाकारी बॉट है 🤖
एक रेड मुठभेड़ की कल्पना करें जहां हीलर आपको एक मैकेनिक में असफल होने पर गुस्से में संदेश नहीं लिखता। यही Don't Lose Aggro प्रदान करता है। आपके समूह के साथी बॉट हैं जो बिना शिकायत किए, बिना लड़ाई के बीच में डिस्कनेक्ट हुए, और बिना सोना उधार मांगे अपना काम करते हैं। बेशक, वे चैट में वाक्यांशों के साथ आपके महाकाव्य हस्तक्षेप का जश्न भी नहीं मनाते, लेकिन यह एक स्वीकार्य समझौता है। यह हर टैंक का सपना है: सारी जिम्मेदारी, लेकिन अप्रत्याशित मानवीय कारक के बिना।