पूर्वी वर्जीनिया में दुनिया की 12% डेटा सेंटर क्षमता केंद्रित है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए आवश्यक हैं। कर छूट ने तकनीकी दिग्गजों को आकर्षित किया, लेकिन अब स्थानीय निवासी इन सुविधाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का विरोध कर रहे हैं, जो भारी मात्रा में ऊर्जा और पानी की खपत करती हैं, जिससे कार्बन उत्सर्जन और जल संकट पैदा होता है।
AI को प्रशिक्षित करने की ऊर्जा लागत ⚡
प्रत्येक डेटा सेंटर को 30 से 50 मेगावाट निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है, जो एक छोटे शहर की खपत के बराबर है। GPT-4 जैसे मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए पूर्ण भार पर हफ्तों की कंप्यूटिंग की आवश्यकता होती है, जिससे गर्मी उत्पन्न होती है जिसे पानी आधारित शीतलन प्रणालियों की आवश्यकता होती है, प्रति किलोवाट-घंटे 4 से 8 लीटर की दर से। दक्षता में सुधार के बिना, 2030 तक इन केंद्रों की बिजली की मांग दोगुनी हो सकती है।
पड़ोसी कम डेटा और लॉन के लिए अधिक पानी मांग रहे हैं 💧
वर्जीनिया के निवासी अब यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे ट्रैफिक की शिकायत करें या नल से गर्म हवा निकलने की। जहां कंपनियां नौकरियों का वादा करती हैं, वहीं पड़ोसी देख रहे हैं कि उनके बिजली के बिल बढ़ रहे हैं और नदियां सूख रही हैं। कुछ मजाक करते हैं कि AI अंततः नगर निगम से एक गिलास पानी मांगेगा। प्रगति की विडंबना: बादल जमीन से अधिक संसाधनों की खपत करता है।