जो पहले रूसी सैन्य रसद के लिए एक आरामदायक क्षेत्र हुआ करता था, जो यूक्रेनी सीमा से एक हजार किलोमीटर से अधिक दूर स्थित था, अब ड्रोन के नियमित हमलों का निशाना बन गया है। गहरे रूसी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठान, हवाई क्षेत्र और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया है, जो यह साबित करता है कि दूरी अब एक प्रभावी बचाव नहीं है।
लंबी दूरी के ड्रोन: नया सामरिक समीकरण 🚁
यूक्रेन ने ऐसे ड्रोन विकसित किए हैं जो 1000 से 2000 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम हैं, जो कम ऊंचाई वाले मार्गों और संशोधित GPS सिग्नलों के माध्यम से रूसी वायु रक्षा को पार कर जाते हैं। इन उपकरणों को जटिल रनवे या बड़े रसद केंद्रों की आवश्यकता नहीं होती; ये मोबाइल प्लेटफार्मों से लॉन्च किए जाते हैं और वाणिज्यिक घटकों का उपयोग करते हैं। परिणाम एक हमला क्षमता है जो रूस को अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को पुनर्वितरित करने के लिए मजबूर करती है, जिससे उसके संसाधन सीमा तक खिंच जाते हैं।
पिछवाड़ा अब पहले जैसा नहीं रहा 🔥
रूसी जनरलों को यह अनुमान लगाने के लिए पहेली बुझानी पड़ रही होगी कि अगला ड्रोन कहाँ गिरेगा। पहले, अंतर्देशीय शहर संघर्ष से अछूते रहते थे; अब उनके निवासी खार्किव के निवासियों की तरह ही अविश्वास से आसमान की ओर देखते हैं। आधुनिक युद्ध में यह मजाक है: आप 2000 किमी दूर सुरक्षित महसूस करते हैं, जब तक कि आप अपने देश के घर के ऊपर एक इलेक्ट्रिक मोटर की गूंज नहीं सुन लेते।