अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाइजीरियाई सेना के साथ संयुक्त अभियान में वैश्विक स्तर पर इस्लामिक स्टेट के दूसरे कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को खत्म करने की घोषणा की। राष्ट्रपति के अनुसार, यह सफलता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के कारण संभव हुई। यह खबर आतंकवाद विरोधी लड़ाई में एक प्रगति का प्रतिनिधित्व करती है।
खुफिया और ड्रोन: ऑपरेशन की तकनीकी कुंजी 🛰️
इस ऑपरेशन में उपग्रह खुफिया, एन्क्रिप्टेड संचार का विश्लेषण और आवाजाही के पैटर्न पर नज़र रखना शामिल था। नाइजीरियाई विशेष बलों ने अल-मिनुकी के ठिकाने का पता लगाने के लिए सीआईए और अमेरिकी सेंट्रल कमांड की टीमों के साथ समन्वय किया। यह हमला, संभवतः MQ-9 रीपर ड्रोन से किया गया, जिसने जमीन पर सैनिकों के लिए जोखिम को कम किया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बमबारी की सर्जिकल सटीकता ने नागरिक हताहतों से बचा लिया। इस प्रकार का तकनीकी सहयोग अब आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में एक मानक बन गया है।
इस्लामिक स्टेट में दूसरे कमांडर होने की समस्या 😅
अबू-बिलाल अल-मिनुकी ISIS का दूसरा कमांडर बन गया। एक ऐसा पद, जो समूह के अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, कुछ देशों में सत्ता की आलोचना करने वाले यूट्यूबर के समान जीवन प्रत्याशा रखता है। ऐसा लगता है कि संगठन के मानव संसाधन विभाग ने जीवन बीमा या दीर्घकालिक कैरियर योजना शामिल करना भूल गया। कम से कम उसे सेवानिवृत्ति के बारे में चिंता नहीं करनी पड़ेगी।