वानिकी अब केवल कुल्हाड़ी और कागज़ के नक्शे का मामला नहीं रह गया है। 3D तकनीक वनकर्मियों को मिलीमीटर सटीकता के साथ जंगल की संरचना का विश्लेषण करने में सक्षम बनाती है। LiDAR स्कैनर और ड्रोन की मदद से, प्रत्येक पेड़ की ऊंचाई मापी जा सकती है, उसकी लकड़ी की मात्रा की गणना की जा सकती है, और कीचड़ में पैर रखे बिना बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। एक स्पष्ट उदाहरण: डिजिटल भू-भाग मॉडल का उपयोग करके चयनात्मक छंटाई की योजना बनाना।
LiDAR स्कैनर, ड्रोन और सॉफ्टवेयर: नए वनकर्मी के उपकरण 🌲
कार्यप्रवाह LiDAR सेंसर से लैस ड्रोन की उड़ान से शुरू होता है, जो वृक्ष छत्र के बिंदु बादलों को कैप्चर करता है। डेटा को CloudCompare या LAStools जैसे प्रोग्रामों के साथ संसाधित किया जाता है ताकि मिट्टी और वनस्पति को फ़िल्टर किया जा सके। फिर, ArcGIS Pro या QGIS जैसा सॉफ्टवेयर क्राउन हाइट मॉडल उत्पन्न करने और बायोमास का अनुमान लगाने में सक्षम बनाता है। विज़ुअलाइज़ेशन और योजना के लिए, Autodesk ReCap या Blender वन हस्तक्षेप के 3D परिदृश्य बनाने में मदद करते हैं।
सुबह की सैर को अलविदा: अब ड्रोन आपके लिए चक्कर लगाता है 🚁
पहले, वनकर्मी अपने जूते पहनता था और जंगल में पैदल घूमता था, एक गीली नोटबुक में नोट करता था। आज, एक ड्रोन भूखंड के ऊपर से उड़ान भरता है जबकि वह कॉफी पी रहा होता है। 3D मॉडल बताता है कि वह टेढ़ा चीड़ का पेड़ जो बीमार लग रहा था, उसकी केवल एक शाखा गलत दिशा में है। हास्य तब आता है जब सॉफ्टवेयर कहता है कि काटने के लिए सबसे अच्छा पेड़ वही है जिसे आप छतरी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। तकनीक उपयोगी है, लेकिन जंगल हमेशा आखिरी हंसी हंसता है।