डब्ल्यूएचओ के एक हालिया अध्ययन ने जलवायु परिवर्तन और मानव विस्तार के कारण ब्लैक माम्बा और क्रेट जैसे जहरीले सांपों के शहरी क्षेत्रों में विस्थापन के बारे में चेतावनी दी है। 2050 और 2090 तक, नए क्षेत्रों में लाखों लोगों को सांप के काटने का अधिक खतरा हो सकता है। वर्तमान में हर साल चार मिलियन मामले दर्ज किए जाते हैं, जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों और दक्षिण एशिया में केंद्रित हैं, लेकिन खतरे का नक्शा फिर से बन रहा है।
सांपों के मुठभेड़ की भविष्यवाणी के लिए चेतावनी प्रणाली और ऐप्स 🐍
वर्तमान तकनीक जलवायु डेटा, वनों की कटाई और सांपों के प्रवासन पैटर्न को पार करने वाले पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने की अनुमति देती है। जोखिम वाले क्षेत्रों में IoT सेंसर और रीयल-टाइम अलर्ट वाले मोबाइल एप्लिकेशन घटनाओं को कम कर सकते हैं। बदलते आवासों के मानचित्रण के लिए ड्रोन और छवि द्वारा खतरनाक प्रजातियों की पहचान करने वाली AI प्रणालियों पर भी शोध किया जा रहा है। ये उपकरण आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से पहले वन्यजीवों की आवाजाही का अनुमान लगाने का प्रयास करते हैं।
सांपों का मजबूरी में स्थानांतरण: पड़ोस में आपका स्वागत है 😅
ऐसा लगता है कि सांप भी शहरी जीवन का अनुभव करना चाहते हैं और बेहतर जलवायु और सुविधाओं वाले क्षेत्रों में जाना चाहते हैं, भले ही इससे हमारी शांति भंग हो। जल्द ही हमें काम पर जाते समय लिफ्ट में ब्लैक माम्बा के साथ जगह साझा करनी पड़ सकती है। हालांकि, कम से कम पड़ोस में किराए उतने ही जहरीले रहेंगे।