रूस ने ऐतिहासिक अनुपात में एक युद्धक तैनाती शुरू कर दी है, जिसमें 65,000 सैनिकों, लगभग 8,000 उपकरण इकाइयों और परमाणु पनडुब्बियों को जुटाया जा रहा है। यह युद्धाभ्यास, जो शक्ति प्रदर्शन के रूप में तैयार किया गया है, बढ़ते वैश्विक तनाव के संदर्भ में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को रोकने का प्रयास करता है, जिसमें बड़े पैमाने पर संघर्ष के पूर्वाभ्यास में भूमि से लेकर नौसैनिक अभियान शामिल हैं।
तकनीकी तैनाती: हथियार, जहाज और परमाणु रणनीति 🚀
यह अभ्यास इस्कंदर और कलिब्र मिसाइलों के साथ-साथ सु-35 लड़ाकू विमानों और रणनीतिक बमवर्षकों जैसी प्रणालियों को एकीकृत करता है। बोरेई और यासेन श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों की भागीदारी समुद्री निवारक घटक को मजबूत करती है। जमीनी बल घेराबंदी और वायु रक्षा युद्धाभ्यास का अभ्यास करते हैं, जबकि नौसेना अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में नाकाबंदी का अनुकरण करती है। यह सब स्वचालित कमांड पोस्टों से समन्वित होता है जो वास्तविक समय में डेटा संसाधित करते हैं।
प्रलय का पूर्वाभ्यास (चाय के साथ) ☕
एक साथ चल रहे 65,000 सैनिकों के साथ, सबसे बड़ी चुनौती काल्पनिक दुश्मन नहीं, बल्कि पनडुब्बियों में चाय के ब्रेक का समन्वय करना होगा। जब कमांडर पूर्ण युद्ध का अभ्यास कर रहे होते हैं, तो संभवतः रंगरूट सपना देख रहे होते हैं कि अगले अभ्यास में कम नौकरशाही और अधिक वास्तविक गोला-बारूद शामिल हो। कम से कम, अगर दुनिया खत्म हो जाती है, तो रूस पहले से ही जानता है कि स्टेपी में टैंकों के ट्रैफिक जाम को कैसे प्रबंधित किया जाए।