3D तकनीक पेंटर को एक भी ब्रश लगाए बिना फिनिशिंग की योजना बनाने की अनुमति देती है। स्थान की डिजिटल स्कैनिंग के साथ, पेंट खरीदने से पहले रंग, बनावट और रोशनी का अनुकरण किया जाता है। इस प्रकार रंग की गलतियों से बचा जाता है और सही मात्रा में सामग्री की गणना की जाती है। SketchUp, Blender या Revit जैसे प्रोग्राम इस प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।
निर्माण स्थल पर स्कैनिंग और फिनिशिंग का अनुकरण 🎨
यह प्रक्रिया Matterport जैसे 3D स्कैनर या फोटोग्रामेट्री वाले कैमरे (जैसे RealityCapture के साथ) से शुरू होती है। डेटा को Autodesk Revit या Archicad जैसे सॉफ्टवेयर में संसाधित किया जाता है, जहाँ कैटलॉग (Pantone, RAL) से वास्तविक बनावट और रंग लागू किए जाते हैं। प्रति दीवार वर्ग मीटर के सटीक माप के साथ पेंटिंग के नक्शे तैयार किए जाते हैं, जिससे पेंट की उपज और आवश्यक कोटों की संख्या की गणना होती है। इससे दुकान की यात्राएँ और वापसी कम होती है।
जब ग्राहक अपना मन बदलता है (फिर से) 😅
3D में अनुकरण करने का सबसे अच्छा पहलू यह है कि जब ग्राहक कहता है कि बेज रंग का लिविंग रूम वनीला केक जैसा लगता है, तो आपको फिर से रेत नहीं लगानी पड़ती। आप माउस घुमाते हैं, एक ग्रे मारेंगो रंग आज़माते हैं और उसे स्क्रीन देखने के लिए कहते हैं। अगर फिर भी पसंद नहीं आता, तो वह मॉडलिंग के घंटे का भुगतान करे। इस प्रकार, पेंट से सिर्फ मॉनिटर गंदा होता है।