नीदरलैंड सरकार ने डिजीडी (DigiD) का प्रबंधन करने वाली कंपनी सॉल्विनिटी (Solvinity) को अमेरिकी कंपनी किंड्रिल (Kyndryl) द्वारा अधिग्रहित करने को रोक दिया है। इसका कारण यह है कि अमेरिका का क्लाउड एक्ट (Cloud Act) अमेरिकी अधिकारियों को अमेरिकी कंपनियों के डेटा तक पहुँचने की अनुमति देता है, चाहे सर्वर कहीं भी हों। इससे सार्वजनिक सेवाओं का उपयोग करते समय लाखों नागरिकों का डेटा उजागर हो जाएगा।
डिजिटल संप्रभुता पर क्लाउड एक्ट की छाया 🛡️
DigiD नीदरलैंड में करों, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सेवाओं तक पहुँचने की डिजिटल कुंजी है। इस अधिग्रहण के साथ, Kyndryl क्लाउड एक्ट के अधीन हो जाती, जो अमेरिकी कंपनियों को अपनी सरकार के अनुरोध पर विदेशों में संग्रहीत डेटा सौंपने के लिए बाध्य करता है। यह रोक एक तकनीकी और कानूनी मिसाल है: यह दर्शाता है कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे का विदेशी स्वामित्व स्थानीय सर्वरों के बावजूद नागरिकों की गोपनीयता का उल्लंघन कर सकता है।
क्लाउड के झाँसे में न आएं 🚲
देखिए, अगर आप अपना डेटा रखने वाली कोई कंपनी खरीदते हैं, तो अंकल सैम आपसे चाबियाँ माँग सकते हैं, भले ही आप एम्स्टर्डम में हों। यह ऐसा है जैसे अपने घर में एक तिजोरी किराए पर लेना और समुद्र के पार के पड़ोसी को इसकी एक प्रति देना। आखिरकार, डिजिटल संप्रभुता गोपनीयता की तरह है: यदि आप इसकी रक्षा नहीं करते हैं, तो कोई इसका उपयोग आपके आयकर रिटर्न को देखने के लिए करेगा जब वह नाश्ता कर रहा होगा।