हार्वर्ड की एक टीम ने 3D प्रिंटिंग के माध्यम से कृत्रिम मांसपेशियाँ विकसित की हैं जो जैविक मांसपेशियों के लचीलेपन की नकल करती हैं। ये नरम एक्चुएटर सटीकता के साथ मुड़, खिंच और मरोड़ सकते हैं, जिससे सॉफ्ट रोबोटिक्स और प्रोस्थेटिक्स मानव संपर्क के लिए अधिक प्राकृतिक और सुरक्षित गतिविधियों के करीब पहुँच रहे हैं।
वायवीय और हाइड्रोलिक सक्रियण के लिए आंतरिक चैनल 💧
यह तकनीक प्रिंटिंग के दौरान आंतरिक चैनलों को एकीकृत करती है, जिससे मांसपेशियाँ हवा या तरल के दबाव से सक्रिय हो सकती हैं। इन चैनलों की ज्यामिति और वितरण को प्रोग्राम करके, शोधकर्ता गति की दिशा और परिमाण को सटीक रूप से नियंत्रित करते हैं। यह कठोर घटकों को समाप्त करता है और चिकित्सा एवं सहायक उपकरणों की अनुकूलनशीलता में सुधार करता है, जो अब अधिक सहजता और ऊर्जा दक्षता के साथ काम कर सकते हैं।
अलविदा, धातु की पकड़; नमस्ते, हाइड्रोलिक आलिंगन 🤖
हालाँकि ये मांसपेशियाँ आपकी कार नहीं उठाएँगी या आपको महाशक्ति नहीं देंगी, कम से कम ये वादा करती हैं कि सहायक रोबोट आपको सूप देते समय चोट नहीं लगाएगा। और अगर किसी दिन इन्हें गुदगुदी करने के लिए प्रोग्राम किया जाए, तो पहले से सूचित कर दें। तब तक, सॉफ्ट रोबोटिक्स आगे बढ़ रहा है ताकि भविष्य के साइबोर्ग को कठोर या बेकार होने के बीच चुनाव न करना पड़े।