भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रणनीतिक समझौतों को मजबूत करने के लिए पांच यूरोपीय और मध्य पूर्वी देशों का दौरा कर रहे हैं। नीदरलैंड के साथ नवाचार, निवेश, स्थिरता और रक्षा में एक नई साझेदारी प्रमुखता से उभर रही है। इस बीच, भारत में, विपक्ष प्री-मेडिकल परीक्षा रद्द करने के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रौद्योगिकी और रक्षा: नए भारत-नीदरलैंड गठबंधन के स्तंभ 🌍
नीदरलैंड के साथ समझौता सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और साइबर सुरक्षा में सहयोग को प्राथमिकता देता है। दोनों देश महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में लचीली आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना चाहते हैं, जिसमें डीप टेक स्टार्टअप्स में संयुक्त निवेश शामिल है। रक्षा में, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और नौसैनिक घटकों के निर्माण पर सहमति बनी। सहयोग में टिकाऊ कृषि और जल प्रबंधन भी शामिल है, ऐसे क्षेत्र जहां नीदरलैंड वैश्विक संदर्भ है।
परीक्षा रद्द: विपक्ष नोट मांगता है और मंत्री खाली बैठे हैं 📝
जहां मोदी यूरोप में हाथ मिला रहे हैं, वहीं घर पर शिक्षा मंत्री प्रशासनिक अराजकता से जूझ रहे हैं: उन्होंने लीक के कारण प्री-मेडिकल परीक्षा रद्द कर दी, जिससे हजारों आवेदक अधर में लटक गए। विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन वे सुझाव देते हैं कि समस्या तकनीकी है, राजनीतिक नहीं। शायद उन्हें संकट प्रबंधन के लिए डचों से सलाह लेनी चाहिए, हालांकि उनकी भी जलवायु से अपनी समस्याएं हैं।