शनिवार को लंदन दो विरोधी प्रदर्शनों का मंच बना। एक तरफ टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में दक्षिणपंथी यूनाइट द किंगडम था। दूसरी तरफ, नकबा दिवस मनाने वाला एक फिलिस्तीन समर्थक मार्च। स्कॉटलैंड यार्ड ने दोनों समूहों को अलग करने के लिए 4,000 अधिकारी, ड्रोन और बख्तरबंद वाहन तैनात किए। विरोध प्रदर्शनों में 43 गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं और एफए कप फाइनल के दौरान 22 और गिरफ्तारियाँ हुईं।
ड्रोन और घोड़े: टकराव से बचने के लिए पुलिस की रणनीति 🚁
पुलिस अभियान ने दोनों सभाओं के बीच एक बंजर क्षेत्र बनाने के लिए हवाई निगरानी तकनीक को घुड़सवार इकाइयों और बख्तरबंद वाहनों के साथ जोड़ा। ड्रोन ने वास्तविक समय में दोनों भीड़ की गतिविधियों पर नज़र रखने में सक्षम बनाया, जबकि घोड़ों ने एक चलती हुई भौतिक बाधा के रूप में काम किया। स्कॉटलैंड यार्ड के अनुसार, यह समन्वय वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण में से एक था। इन संसाधनों का उपयोग विरोधी गुटों के बीच सीधे संपर्क को कम करना है।
लाल टोपियाँ और झंडे: कलह का व्यापारिक सामान 🧢
रॉबिन्सन के समर्थकों ने लाल टोपियाँ और ब्रिटिश झंडे पहनकर मार्च किया, सरकार को उखाड़ फेंकने से लेकर गोरे मजदूर वर्ग के खिलाफ भेदभाव को समाप्त करने तक की माँग की। स्टार वक्ता केटी हॉपकिंस ने राजनीति में भाग लेने का आग्रह किया। सब कुछ बहुत देशभक्तिपूर्ण था, सिवाय इस तथ्य के कि टोपियों का रंग ब्रिटिश इतिहास की तुलना में एक प्रसिद्ध फास्ट-फूड श्रृंखला से अधिक प्रेरित लगता है। कम से कम, किसी ने बर्गर नहीं माँगा।