ऑपरेशन किचन मामले की सुनवाई का छठा सप्ताह राष्ट्रीय पुलिस एजेंटों की अंतिम गवाही के साथ शुरू होता है। सोमवार को राजोय सरकार के दौरान गृह मंत्रालय के कथित अर्ध-पुलिस अभियान से संबंधित बयान समाप्त हो जाएंगे, जिसका उद्देश्य पीपी के पूर्व कोषाध्यक्ष लुइस बार्सेनास से संवेदनशील जानकारी चुराना था। इसके बाद विशेषज्ञ साक्ष्य शुरू होंगे।
साइबर अपराध, सीसीएन और राजकोष अदालत कक्ष में प्रवेश करते हैं 🕵️
विशेषज्ञ साक्ष्य चरण में केंद्रीय साइबर अपराध इकाई, राष्ट्रीय क्रिप्टोलॉजिकल केंद्र और कर एजेंसी के विशेषज्ञ शामिल होंगे। वे डिजिटल निशान, जासूसी उपकरण और बार्सेनास के उपकरणों से निकाले गए डेटा प्रवाह का विश्लेषण करेंगे। उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या मंत्रालय से ही एक व्यवस्थित और समन्वित घुसपैठ हुई थी, साथ ही अभियान में शामिल एजेंटों द्वारा साक्ष्यों के संभावित हेरफेर की जांच करना है।
कम लागत वाली जासूसी जो मैनुअल में नहीं थी 😅
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को यह समझाते हुए देखना कि बार्सेनास के ड्राइवर की जासूसी कैसे की गई, अपने आप में एक बात है। कोई फिल्मी तकनीक की उम्मीद करेगा, लेकिन जांच के अनुसार, सबसे बड़ा तरीका फाइलों को पेन ड्राइव में कॉपी करना और उन्हें पीपी मुख्यालय ले जाना था। अच्छा हुआ कि राष्ट्रीय क्रिप्टोलॉजिकल केंद्र को इस बारे में पता नहीं चला, वरना शायद उनका विशेषज्ञ कार्ड ही गिर जाता।