Materials Science & Engineering R में एक अध्ययन से पता चलता है कि 3D प्रिंटिंग बड़े पैमाने पर लिथियम बैटरी बनाने के लिए तैयार है। तरकीब सिर्फ रसायन विज्ञान में नहीं है, बल्कि संरचना को कैसे मुद्रित किया जाता है, इसमें है। यदि सामग्री और प्रक्रियाओं को नियंत्रित किया जाए, तो 3D आर्किटेक्चर प्रदर्शन का एक निर्धारण कारक बन जाता है।
कैथोड के भविष्य पर हावी होने के लिए चार तकनीकें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं 🔋
अध्ययन प्रत्यक्ष स्याही लेखन, पाउडर बेड में लेजर फ्यूजन, फोटोपॉलीमराइजेशन और फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग के प्रायोगिक परिणामों का विश्लेषण करता है। प्रत्येक तकनीक सरंध्रता और ऊर्जा घनत्व पर एक अद्वितीय नियंत्रण प्रदान करती है। कुंजी यह है कि मुद्रित ज्यामिति छोटे आयनिक मार्ग और अधिक सक्रिय सतह क्षेत्र की अनुमति देती है, जो पारंपरिक निर्माण विधियों की सीमाओं को पार करती है।
चार्जर प्रिंट करते समय अपना फोन चार्ज करें ⚡
अब पता चला है कि उन बैटरियों का समाधान जो दो घंटे में खत्म नहीं होतीं, एक प्रिंटर हो सकता है जो लिथियम की परतों को ऐसे उगलता है जैसे वे कस्टर्ड क्रीम हों। हाँ, अगर स्याही गाढ़ी हो जाती है, तो एनोड के बजाय आपके पास एक महंगा पेपरवेट होगा। वादा लुभावना है: डोनट के आकार की बैटरियां ताकि वे किसी भी गैजेट में फिट हो सकें। इस बीच, हम अपने फोन को एक केबल से चार्ज करते रहेंगे जो बेड़ियों जैसा लगता है।