POSTECH और कोरियाई सामग्री विज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली बनाई है जो 3D प्रिंटिंग से बने धातु के भागों की ताकत का सेकंडों में अनुमान लगा सकती है। यह उपकरण तब भी काम करता है जब भागों में आंतरिक दोष हों, जो इस तकनीक में एक सामान्य समस्या है। यह प्रणाली कंप्यूटेड टोमोग्राफी डेटा और थकान मॉडल का विश्लेषण करके तेज़ और विश्वसनीय परिणाम प्रदान करती है।
AI मुद्रित धातुओं में छिपे दोषों का कैसे पता लगाती है 🔬
यह विकास तंत्रिका नेटवर्क को परिमित तत्व सिमुलेशन के साथ जोड़ता है। पहले, सॉफ्टवेयर एक्स-रे से भाग को स्कैन करके सूक्ष्म छिद्रों या दरारों की पहचान करता है। फिर, AI उस डेटा को पिछले विफलता पैटर्न के साथ जोड़कर घटक के जीवनकाल की गणना करता है। यह प्रक्रिया, जिसमें पहले विनाशकारी यांत्रिक परीक्षणों के दिन लगते थे, अब दस सेकंड से भी कम समय में पूरी हो जाती है। टीम ने टाइटेनियम और स्टेनलेस स्टील मिश्र धातुओं के साथ सिस्टम का परीक्षण किया, जिसमें 95 प्रतिशत से अधिक सटीकता प्राप्त हुई।
अलविदा उम्मीद करना कि भाग न टूटे 😅
अब तक, इंजीनियर किस्मत पर निर्भर रहते थे या आश्चर्य से बचने के लिए तीन गुना सामग्री से सब कुछ बनाते थे। इस AI के साथ, अब निराश मैकेनिकों के संरक्षक संत सैन पैनक्रासियो के लिए मोमबत्ती जलाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली आपको बताती है कि आपका भाग चलेगा या विफल होने से पहले इसे पेपरवेट के रूप में उपयोग करना बेहतर है। और यह सब बिना हथौड़े से मारे, जो सबसे तकनीकी लोगों की पसंदीदा परीक्षण विधि थी।