इस गर्मी, नब्बे के दशक का फैशन हिपोग्लोस के साथ जोरदार वापसी कर रहा है, वे परावर्तक सामग्री से बने ट्रैकसूट जो किसी भी सैर को एक चकाचौंध करने वाली चमक में बदल देते हैं। टैनिंग को भूल जाइए: यहाँ चमक कपड़े की है। अगर आप समुद्र तट पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो धूप का चश्मा ले जाएँ, क्योंकि इस कपड़े की चमक गर्म रेत से भी अधिक है।
चमक की इंजीनियरिंग: पॉलिमर और परावर्तनशीलता 🛸
हिपोग्लोस का रहस्य इसकी बाहरी परत में है, जिसमें पॉलीयूरेथेन रेज़िन में जड़े कांच के सूक्ष्म गोले होते हैं। 50 से 100 माइक्रोन के बीच के ये गोले एक पश्च-परावर्तन प्रभाव पैदा करते हैं जो प्रकाश को उसी मूल दिशा में लौटाता है। वस्त्र स्तर पर, पॉलिएस्टर अस्तर पर एक प्रिज्मीय फिल्म लैमिनेट लगाया जाता है, जिससे 80% से अधिक की परावर्तनशीलता प्राप्त होती है। यह बताता है कि क्यों जुलाई की धूप में, यह ट्रैकसूट एक राजमार्ग लाइटहाउस जैसा दिखता है।
उपयोगी सलाह: हिपोग्लोस पहने अपने दोस्त को घूरकर न देखें 😎
अगर आप सड़क पर हिपोग्लोस पहने किसी से मिलते हैं, तो उसे सीधे न देखें। आपकी रेटिना आपको धन्यवाद देगी। यह एक दूसरे सूरज के चलने जैसा है, लेकिन क्रीम लगाने के फायदे के बिना। डिजाइनरों का दावा है कि कपड़ा सांस लेने योग्य है, हालाँकि किसी ने पुष्टि नहीं की है कि यह आपको भटकती सीगल के लिए एक आदर्श लक्ष्य भी बनाता है या नहीं। इसे सावधानी से पहनें।