फ्रांसीसी संसद ने पिछले बुधवार को इमैनुएल मौलिन को बैंक ऑफ फ्रांस का नया गवर्नर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। वह फ्रांस्वा विलेरॉय डी गल्हाउ का स्थान लेंगे, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में अपना कार्यकाल समाप्त कर रहे हैं, जहां मुद्रास्फीति पृष्ठभूमि में है और ब्याज दरें यूरोपीय वित्तीय बहस के केंद्र में हैं।
क्रिप्टोकरेंसी और CBDC: केंद्रीय बैंकिंग की नई तकनीकी चुनौती 🚀
मौलिन ऐसे समय में पदभार ग्रहण कर रहे हैं जब केंद्रीय बैंक निजी क्रिप्टोकरेंसी से मुकाबला करने के लिए डिजिटल मुद्राओं (CBDC) के जारी करने की खोज कर रहे हैं। फ्रांस डिजिटल यूरो के परीक्षणों में अग्रणी रहा है, और नए गवर्नर को पारंपरिक भुगतान प्रणालियों में ब्लॉकचेन तकनीक के एकीकरण का प्रबंधन करना होगा। साइबर सुरक्षा और स्टेबलकॉइन का नियमन उनके एजेंडे में प्रमुख बिंदु होंगे, ताकि नवाचार को रोके बिना वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जा सके।
पैसे की कुर्सी पर तस्वीर बदलना 🪑
मौलिन एक कुशल प्रबंधक के रूप में प्रसिद्धि के साथ आते हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक में उनका इंतजार ब्याज दरों पर चर्चा कर रहा है जो किसी को भी सुला सकती है। कम से कम उनके पास एक आरामदायक कुर्सी और दृश्यों वाला कार्यालय होगा, जबकि बाजार उम्मीद कर रहे हैं कि काम के पहले दिन उनसे यूरो न गिर जाए। अगर कुछ गलत होता है, तो वह हमेशा परंपरा के अनुसार, विरासत में मिली चीजों को दोष दे सकते हैं।