यूरो 7 नियम और GTR21 प्रोटोकॉल 2027 से पहले आ रहे हैं ताकि कारों, जिसमें इलेक्ट्रिक कारें भी शामिल हैं, के प्रमाणीकरण में क्रांति ला सकें। वे अधिक यथार्थवादी उत्सर्जन परीक्षणों का वादा करते हैं, लेकिन आलोचकों का कहना है कि अतिरिक्त लागत का बोझ मुख्य रूप से सबसे सस्ते मॉडलों पर पड़ेगा। निर्माता और ब्रुसेल्स को फायदा होगा; औसत ड्राइवर को उतना नहीं।
GTR21: वह प्रोटोकॉल जो आखिरी बैटरी तक निचोड़ लेता है 🔋
GTR21 न केवल निकास उत्सर्जन को मापता है, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में ब्रेक और टायरों के घिसाव का भी मूल्यांकन करता है, जो उनके वजन के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रभावित करता है। परीक्षणों में लंबे ड्राइविंग चक्र और परिवर्तनशील तापमान शामिल हैं। अनुपालन करने के लिए, निर्माताओं को पार्टिकुलेट फिल्टर और उन्नत निगरानी प्रणाली जोड़नी होगी, जिससे उत्पादन लागत और इसलिए अंतिम कीमत बढ़ जाएगी।
यूरो 7: वह सस्ता सौदा जिसे केवल EU के इंजीनियर ही समझते हैं 💸
सिद्धांत के अनुसार, हवा साफ होगी। व्यवहार के अनुसार, आपकी जेब हल्की होगी। सबसे अच्छी बात? नई कारों की कीमतें बढ़ेंगी, लेकिन पेट्रोल की कीमत वही रहेगी। हाँ, अब आपको पता चलेगा कि हर ब्रेक लगाने पर एक एल्गोरिदम नजर रख रहा है जो कर नहीं देता। क्या बात है!