सुप्रीम कोर्ट ने सेविला के शिकारी मैनुअल ब्लैंको को अमेरिकी युवती लॉरेन बाजोरेक की हत्या के लिए दी गई सजा को बरकरार रखा है। फैसले ने उसकी अपीलों को खारिज कर दिया और उसे बिना किसी कटौती के पूरी सजा भुगतने के लिए बाध्य किया। न्यायाधीशों ने पुष्टि की कि 2019 में पीड़िता के घर हुआ यह अपराध पूर्व नियोजित था और इसे विश्वासघात और अत्यधिक क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया।
कैसे फोरेंसिक तकनीक ने शिकारी की सजा को सील कर दिया 🔍
न्यायिक फैसला प्रमुख तकनीकी सबूतों पर आधारित था। अपराध स्थल से निकाले गए डीएनए का विश्लेषण ब्लैंको को हमले से जोड़ने में निर्णायक साबित हुआ। इसके अलावा, कंप्यूटर विशेषज्ञों ने उसके मोबाइल डिवाइस से डेटा पुनर्प्राप्त किया जिसमें दम घोंटने के तरीकों और आवागमन के पैटर्न के बारे में पिछली खोजों का पता चला। उसके फोन की जियोलोकेशन ने घटना से घंटों पहले उसे लॉरेन के अपार्टमेंट के आसपास दिखाया, जिससे उसका अलीबा ध्वस्त हो गया।
ब्लैंको ने अपील की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी बात नहीं मानी 😤
शिकारी ने अपनी अपीलें ऐसे डालने की कोशिश की जैसे कोई कबाब में एक्स्ट्रा सॉस मांग रहा हो, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे नहीं निगला। उसने अधिकारों के उल्लंघन और प्रक्रियागत त्रुटियों का दावा किया, लेकिन न्यायाधीशों ने उसे याद दिलाया कि विश्वासघात के साथ हत्या करना कोई प्रक्रियागत त्रुटि नहीं है। अब उसके पास एक कोठरी में अपनी कानूनी रणनीति पर विचार करने के लिए पर्याप्त समय होगा, शायद वह यह गणना करते हुए कि कटौती मांगने के लिए उसके पास कितने साल बचे हैं, जो अब कभी नहीं आएगी।