ग्रेनाडा के हॉस्पिटल विर्जेन डे लास नीवेस ने 3D तकनीक को शामिल करके कॉर्निया प्रत्यारोपण में एक कदम आगे बढ़ाया है। यह उपकरण सर्जरी की अधिक सटीकता से योजना बनाने और रोगी के अनुरूप ग्राफ्ट बनाने की अनुमति देता है, जिससे दृश्य परिणामों में सुधार और ऑपरेटिंग रूम में जटिलताओं को कम करने का वादा किया गया है।
अनुकूलित ग्राफ्ट के लिए टोमोग्राफी और 3D मॉडलिंग 🧬
यह तकनीक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी छवियों पर आधारित है, जिससे क्षतिग्रस्त कॉर्निया के त्रि-आयामी मॉडल तैयार किए जाते हैं। इस प्रकार सर्जन एक ऐसा ग्राफ्ट डिज़ाइन कर सकता है जो आवश्यक आकार और मोटाई के अनुसार बिल्कुल फिट बैठता है, जिससे दाता ऊतक के समायोजन को अनुकूलित किया जा सके। यह व्यक्तिगत दृष्टिकोण त्रुटियों को कम करता है और रोगी की दृश्य रिकवरी को गति देता है।
कांच की आंख को अलविदा, प्रिंटेड ग्राफ्ट को नमस्ते 👁️
आखिरकार, तकनीक वहाँ पहुँच गई है जहाँ सबसे ज्यादा दर्द होता है: आँख में। अब, बजाय इसके कि यह प्रार्थना की जाए कि मौजूदा ग्राफ्ट पुराने मोज़े की तरह फिट हो जाए, सर्जन इसे ऐसे डिज़ाइन कर सकते हैं जैसे कि यह एक कस्टम-मेड सूट हो। हाँ, लेकिन वे धारियों या पोल्का डॉट्स वाला मॉडल माँगने की गलती न करें, नहीं तो बाद में दृष्टि बहुत साइकेडेलिक हो जाएगी।