छह देशों में 5,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में एक असुविधाजनक विरोधाभास सामने आया है: सबसे अमीर 30% में से जो लोग पर्यावरण के बारे में सबसे अधिक चिंतित हैं, उनका पारिस्थितिक पदचिह्न उसी स्तर के अन्य लोगों की तुलना में बड़ा है। इसका मुख्य कारण निजी जेट से बार-बार यात्रा करना है, जो सबसे प्रदूषणकारी साधनों में से एक है। रीसाइक्लिंग जैसी क्रियाएं इन उड़ानों के प्रभाव की भरपाई नहीं करती हैं।
BP की चाल: कैसे कार्बन फुटप्रिंट ने आपको जिम्मेदार बना दिया 🌍
कार्बन फुटप्रिंट शब्द को BP ने उपभोक्ताओं पर दोष मढ़ने के लिए लोकप्रिय बनाया था। अध्ययन पुष्टि करता है कि व्यक्तिगत मूल्यों में बदलाव पर्याप्त नहीं हैं: संसाधनों वाले पर्यावरणविद् अधिक उत्सर्जन करते हैं क्योंकि सिस्टम लक्जरी खपत को पुरस्कृत करता है। बड़े पैमाने पर उत्सर्जन कम करने के लिए रीसाइक्लिंग अभियानों की नहीं, बल्कि सार्वजनिक नीतियों की आवश्यकता है। मौजूदा तकनीक अधिक कुशल विमानों की अनुमति देती है, लेकिन उनका उपयोग जलवायु की अकिलीज़ हील बना हुआ है।
कैन रीसाइकिल करना और जेट उड़ाना: सैलून इकोलॉजी ✈️
500 मीटर के अपने घर में कचरा अलग करने से बेहतर कुछ नहीं, जबकि आप एक सिटेशन में अटलांटिक के ऊपर उड़ान भर रहे हों। अध्ययन दर्शाता है कि आप एक ही समय में पीले डिब्बे के हीरो और आसमान के खलनायक हो सकते हैं। अगली बार जब कोई अमीर पर्यावरणविद् आपसे अपना पदचिह्न कम करने के लिए कहे, तो उससे पूछें कि इस महीने उसने कितनी निजी उड़ानें भरीं। संगति, जेट की तरह, कभी-कभी बादलों में खो जाती है।