गर्मियों में धूप में खड़ी कोई भी कार एक छोटे ग्रीनहाउस में बदल जाती है। चौड़े शीशे रोशनी को अंदर आने देते हैं, लेकिन गर्मी को फँसा लेते हैं। कुछ घंटों की धूप के बाद अंदर जाना एक चरम अनुभव हो सकता है। अंदर भूली हुई पानी की बोतलें गर्म चाय के तापमान तक पहुँच जाती हैं। यह कोई फैक्ट्री दोष नहीं है, बल्कि भौतिकी और वर्तमान डिज़ाइन का सीधा परिणाम है।
शीशों की तकनीक और ग्रीनहाउस प्रभाव 🌡️
निर्माता दृश्यता और सौंदर्य को बेहतर बनाने के लिए बड़ी सतह वाले शीशे लगाते हैं। हालाँकि, ये सतहें छोटी तरंगदैर्ध्य वाले सौर विकिरण को अंदर आने देती हैं, जो सीटों और डैशबोर्ड से टकराकर गर्मी में बदल जाता है। आसानी से बाहर न निकल पाने के कारण, अंदर का तापमान 60 डिग्री से ऊपर चला जाता है। कुछ मॉडलों में यूवी फिल्टर के साथ लैमिनेटेड शीशे लगे होते हैं, लेकिन अगर कार बंद है तो गर्मी में कमी सीमित होती है।
फल (और ड्राइवरों) को पकाने के लिए आदर्श माइक्रोक्लाइमेट 🍑
अगर आपकी कार ओवन जैसी लगती है, तो चिंता न करें: यह नई स्टैंडर्ड त्वरित पकाने की प्रणाली है। माइक्रोवेव को भूल जाइए; अपना सैंडविच ग्लव बॉक्स में छोड़ दीजिए और वापस आने पर आपको एक गर्म नाश्ता मिलेगा। प्लास्टिक की बोतलें, हालाँकि, एक रासायनिक स्वाद विकसित कर लेती हैं जिसे कोई भी सोमेलियर अनुशंसित नहीं करेगा। लेकिन हे, कम से कम स्टीयरिंग व्हील आपको याद दिलाएगा कि आपको इसे बिना दस्तानों के नहीं छूना चाहिए। एक ऐसी विलासिता जो आपने नहीं माँगी, लेकिन हर गर्मियों में मुफ्त मिलती है।