इलिनोइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने सर्वरों को ठंडा करने के लिए 3D प्रिंटेड तांबे की प्लेटें विकसित की हैं। यह तकनीक जलवायु नियंत्रण के लिए उपयोग होने वाली ऊर्जा खपत को कुल का 30% से घटाकर 1.1% कर देती है। 1 GW के डेटा सेंटर में, बचत 539 MW तक पहुँचती है, जो AI उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है, जो तेजी से ऊर्जा की भूख बढ़ा रहा है। ⚡
जटिल आंतरिक चैनलों के साथ अनुकूलित डिज़ाइन 🧊
तांबे की प्लेटें 3D प्रिंटिंग के माध्यम से बनाई जाती हैं, जो पारंपरिक प्रक्रियाओं में असंभव ज्यामिति वाले आंतरिक चैनल बनाने की अनुमति देती हैं। ये नलिकाएं तरल शीतलक को अधिक कुशलता से वितरित करती हैं, सीधे प्रोसेसर से गर्मी निकालती हैं। सुधार महत्वपूर्ण है: शीतलन की अवशिष्ट ऊर्जा प्रति गीगावाट स्थापित 550 से घटकर केवल 11 MW हो जाती है, एक ऐसा बदलाव जो परिचालन लागत को नाटकीय रूप से कम करता है।
अब आपके सर्वर तांबा पसीना बहाएंगे (और बिजली के बिल नहीं) 🔥
जब AI कविताएँ लिखता है और अंतरिक्ष यात्री बिल्लियों की छवियाँ उत्पन्न करता है, तो इसे शक्ति प्रदान करने वाले डेटा सेंटर धूप में पिघलती आइसक्रीम की तरह पिघल रहे हैं। सौभाग्य से, इन शोधकर्ताओं ने सर्वरों को बिजली के बजाय तांबा पसीना बहाने पर मजबूर कर दिया है। तो, अगर आपका क्लाउड बिल कम होता है, तो आप जानते हैं कि किसे धन्यवाद देना है: उन प्लेटों को जिनमें फॉर्मूला 1 सर्किट से भी अधिक मोड़ हैं।