रियोजा के ब्रीवा डे कामेरोस नगरपालिका एक परियोजना को बढ़ावा दे रही है जिसमें नगरपालिका के स्वामित्व वाले झुंड के माध्यम से पारंपरिक पशुपालन को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिसका प्रबंधन निवासियों के सहयोग से किया जाएगा। इसके अलावा, सांस्कृतिक विरासत के रूप में प्रवासी पशुचारण को पुनर्जीवित करने पर केंद्रित नए कार्यक्रमों की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य लुप्तप्राय व्यवसायों और परिदृश्यों को संरक्षित करना है।
चरवाही की सेवा में प्रौद्योगिकी: भू-स्थानिकीकरण और डेटा प्रबंधन 🐑
नगरपालिका के झुंड में आवाजाही और चरागाहों की निगरानी के लिए जीपीएस कॉलर लगाए गए हैं, जिससे पशुओं का दूरस्थ नियंत्रण संभव हो सके। एकत्रित डेटा को एक खुले मंच में एकीकृत किया जाता है जो चराई मार्गों को अनुकूलित करता है और फसलों के साथ संघर्ष को रोकता है। यह डिजिटलीकरण एक ऐप के माध्यम से पड़ोसियों की भागीदारी को सुविधाजनक बनाता है, जहां देखभाल की पाली निर्धारित की जाती है और वास्तविक समय में घटनाओं की रिपोर्ट की जाती है, जिससे परंपरा और प्रौद्योगिकी का मेल होता है।
पड़ोसी चरवाहे: जीपीएस और लाठी के साथ कार्यालय से पहाड़ तक 📱
अब ब्रीवा के निवासी कीबोर्ड को डिजिटल लाठी से बदल सकते हैं। नगरपालिका ऐप सूचित करता है कि भेड़ों को हांकने की बारी कब है, कार्यालय कर्मचारियों को सप्ताहांत के चरवाहों में बदल देता है। सबसे मजेदार बात: एक एकाउंटेंट को हाथ में मोबाइल लेकर बकरी का पीछा करते देखना, जबकि जीपीएस उसे याद दिलाता है कि वह गलत दिशा में जा रहा है। प्रवासी पशुचारण, हालांकि, अभी भी एक गंभीर मामला है। या नहीं।