अलीबाबा ने अपनी पहली तिमाही के नतीजे एक कड़वी-मीठी चौंकाने वाली खबर के साथ पेश किए हैं। चीनी दिग्गज कंपनी ने अपने समायोजित लाभ (EBITA) में 84% की गिरावट दर्ज की, जो 5,100 मिलियन युआन रहा। इस गिरावट का कारण कोई आपदा नहीं, बल्कि एक दांव है: प्रौद्योगिकी और ई-कॉमर्स में भारी निवेश। इस बीच, इसका क्लाउड कंप्यूटिंग डिवीजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मांग से प्रेरित होकर 38% बढ़ा।
अलीबाबा का क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जोर ☁️
अलीबाबा का क्लाउड कंप्यूटिंग डिवीजन वित्तीय तूफान के बीच एक प्रकाश स्तंभ रहा है। राजस्व में 38% की वृद्धि के साथ, यह व्यवसाय सीधे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उछाल से लाभान्वित होता है। चीनी कंपनियां AI मॉडल अपना रही हैं जिनके लिए कम्प्यूटेशनल शक्ति की आवश्यकता होती है, और अलीबाबा इन प्रणालियों को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। कंपनी इस खंड में टेनसेंट और हुआवेई के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा करती है, जहां सर्वर और भंडारण की मांग लगातार बढ़ रही है। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि एक रणनीति है।
सर्वर खरीदने के लिए पैसे गंवाना, मास्टर प्लान 🔥
अलीबाबा ने जादुई फॉर्मूला खोज लिया है: वह AI और क्लाउड पर इतना खर्च करता है कि उसका लाभ 84% गिर जाता है, लेकिन फिर वह दावा करता है कि क्लाउड 38% बढ़ा है। यह ऐसा है जैसे कोई रसोइया यह साबित करने के लिए रसोई जला दे कि वह आग जलाना जानता है। निवेशक आय विवरण को देखते हैं और धुआं देखते हैं, लेकिन सर्वरों से भरा एक उज्ज्वल भविष्य भी देखते हैं। इस बीच, शेयरधारक प्रार्थना करते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जल्द ही वास्तव में पैसा कमाना सीख जाए।