यूनियन UGT ने अल्मेरिया में सीमा शुल्क एजेंटों की दयनीय स्थिति की निंदा की है, एक गंभीर घटना के बाद। एक नार्को-नाव ने पीछा करने के दौरान गश्ती नाव ऑडाज़ को टक्कर मार दी, जिससे अधिकारी मुश्किल स्थिति में आ गए। एजेंटों का आरोप है कि वे मात्र 1,600 यूरो मासिक वेतन के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जिसे यूनियन साधनों की कमी के कारण एक ऑपरेशनल रूलेट करार देती है।
नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में तकनीकी अंतर 🚤
जहां आपराधिक संगठन अपनी नावों को उच्च क्षमता वाले इंजन और उन्नत नेविगेशन सिस्टम से लैस कर रहे हैं, वहीं सीमा शुल्क निगरानी की गश्ती नावें जैसे ऑडाज़ सीमित संसाधनों के साथ काम करती हैं। कवच, एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली और निगरानी ड्रोन की कमी हर हस्तक्षेप को एक अंधी छलांग में बदल देती है। उपलब्ध तकनीक नार्को-नावों की गति या गतिशीलता से मेल नहीं खाती, जो एजेंटों को ऐसी निकटता रणनीति पर निर्भर रहने के लिए मजबूर करती है जो टक्कर के जोखिम को बढ़ाती है।
खतरे का भत्ता: एक च्युइंग गम और एक लाइटर 😅
एजेंटों को खतरे का भत्ता मिलना चाहिए, जो इस गति से शायद एक निर्माण हेलमेट और एक सीटी शामिल करे। 1,600 यूरो में, कोई या तो बंधक का भुगतान कर सकता है या एक सेकेंड-हैंड बुलेटप्रूफ जैकेट खरीद सकता है। अगली बार जब कोई नार्को-नाव टक्कर मारे, तो शायद वे गश्ती नाव के लिए एयरबैग के रूप में वृद्धि मांगें। इस बीच, यूनियन सुझाव देता है कि अधिकारी मशीन से कॉफी में शामिल जीवन बीमा ले जाएं।