एनवीडिया ने DLSS 5 प्रस्तुत किया है, जो इसकी सुपरसैंपलिंग तकनीक में एक महत्वाकांक्षी छलांग है। अब यह केवल रेजोल्यूशन को स्केल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक समय में दृश्य को सक्रिय रूप से समृद्ध करता है। यह प्रत्येक फ्रेम का विश्लेषण करता है ताकि प्रकाश व्यवस्था, सामग्री और बनावट में विवरण जोड़े जा सकें। वादा अधिक सुलभ यथार्थवाद का है, लेकिन बहस शुरू हो चुकी है: कई लोग इसे एक AI फिल्टर मानते हैं जो मूल कला को एकसमान बना सकता है।
दृश्यों की न्यूरल पुनर्निर्माण कैसे काम करता है 🤖
यह सिस्टम प्रशिक्षित न्यूरल नेटवर्क का उपयोग करता है जो साधारण पिक्सेल इंटरपोलेशन से आगे जाता है। यह इंजन द्वारा रेंडर किए गए फ्रेम की ज्यामिति, प्रकाश स्रोतों और सामग्रियों का विश्लेषण करता है। फिर, यह मूल रूप से गणना न किए गए विवरण की जानकारी को संश्लेषित और जोड़ता है, जैसे जटिल परावर्तन या बनावट में खुरदुरापन। यह एक न्यूरल पोस्ट-प्रोसेसिंग प्रक्रिया है जो पाथ-ट्रेसिंग के करीब दृश्य गुणवत्ता प्राप्त करने का प्रयास करती है, लेकिन प्रदर्शन लागत का एक अंश।
निविडिया स्टाइल के युग में आपका स्वागत 🎨
जल्द ही खेलों में दो ग्राफिक्स मोड होंगे: कलात्मक और DLSS 5। क्या आप कला निर्देशक द्वारा चुनी गई उस फीकी और वातावरणपूर्ण रंग पैलेट चाहते हैं? बेहतर है AI मोड सक्रिय करें ताकि सब कुछ प्लास्टिक के गीले फिनिश के साथ चमकता रहे। कम से कम सांत्वना यह होगी कि खेल भले ही कोई भी हो, सभी आभासी दुनिया एक ही पूर्वानुमानित इंस्टाग्राम न्यूरल फिल्टर साझा करेंगी। प्रामाणिकता को अधिक महत्व दिया जाता है।