विश्व कप 2026 घास के लिए एक लॉजिस्टिक चुनौती होगा। वैज्ञानिक और किसान कनाडा की ठंड से लेकर मैक्सिको की गर्मी तक के मौसम वाले 16 स्टेडियमों के लिए विशिष्ट बीज मिश्रण विकसित कर रहे हैं। लक्ष्य यह है कि घास बिना किसी खराबी के मैचों के घिसाव को सहन कर सके, जिसमें समशीतोष्ण क्षेत्रों के लिए राईग्रास और अधिक गर्म क्षेत्रों के लिए बरमूडाग्रास का उपयोग किया जाएगा।
प्रत्येक स्थल के लिए आनुवंशिक मिश्रण और स्मार्ट सिंचाई 🌱
प्रयोगशालाओं में प्रत्येक शहर के तापमान और आर्द्रता के अनुकूल बीजों के संयोजन का परीक्षण किया जा रहा है। वैंकूवर जैसे स्थानों के लिए ठंड प्रतिरोधी बारहमासी राईग्रास का उपयोग किया जाता है, जबकि मैक्सिको सिटी में ऊंचाई सहन करने वाले हाइब्रिड बरमूडाग्रास को प्राथमिकता दी जाती है। स्वचालित सिंचाई प्रणाली और आर्द्रता सेंसर स्थानीय मौसम के अनुसार पानी को समायोजित करते हैं, जिससे मैचों के दौरान घास जलने या जलभराव से बच जाती है।
घास जो कुछ खिलाड़ियों से अधिक पसीना बहाती है 😅
जहां फुटबॉलर मॉन्टेरी में गर्मी की शिकायत करते हैं, वहीं स्थानीय घास पहले से ही चरम तापमान की आदी है। इंजीनियर घास के जल तनाव की गणना ऐसे करते हैं जैसे वह एक और एथलीट हो। हालांकि, कोई भी कनाडाई राईग्रास को बर्फबारी देखकर खुश करने में सफल नहीं हुआ है। शायद उसे कोट पहनाना या कैनकन में छुट्टी देना ही उचित होगा।