भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए सेशेल्स की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया और उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की। नागरिकों के लिए, इसका मतलब है कि भारत हिंद महासागर में रणनीतिक गठबंधन सुनिश्चित करना चाहता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
उपग्रह निगरानी और स्मार्ट बंदरगाह: नौसेना गठबंधन का नया युग 🛰️
भारत सेशेल्स को उपग्रह डेटा और लंबी दूरी के रडार पर आधारित तटीय निगरानी प्रणाली प्रदान करेगा। वास्तविक समय में व्यापारिक और मछली पकड़ने वाले जहाजों के मार्गों को ट्रैक करने के लिए स्मार्ट बॉय लगाने की योजना है। इसके अलावा, विक्टोरिया बंदरगाह को IoT सेंसर और साइबर सुरक्षा प्लेटफार्मों के साथ आधुनिक बनाया जाएगा। इन समझौतों का उद्देश्य एक साझा निगरानी नेटवर्क बनाना है जो समुद्री डकैती या अवैध मछली पकड़ने जैसे खतरों का पता लगाने में सक्षम हो, सेशेल्स को भारत की रक्षा संरचना में एकीकृत करना।
मोदी और हर्मिनी: दो राष्ट्रपति, एक ही सेल्फी और कई वादे 🤳
जब मोदी स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ पोज़ दे रहे थे, किसी सहायक ने उन्हें याद दिलाया होगा कि वह चुनावी रैली में नहीं थे। वहीं, राष्ट्रपति हर्मिनी सब कुछ स्वीकार कर रहे थे, जबकि वह सोच रहे थे कि 455 वर्ग किमी के एक द्वीप में कितने रडार फिट हो सकते हैं। सबसे अच्छी बात: स्थानीय मछुआरों को अब डर है कि उनकी नावें चीनी ड्रोन समझ ली जाएंगी। कम से कम, अगर कुछ गलत होता है, तो वे हमेशा निगरानी एल्गोरिदम को दोष दे सकते हैं।