रूस की युवा खिलाड़ी मीरा आंद्रीवा, जो 19 वर्ष की हैं, फ्रेंच ओपन में अपनी शानदार यात्रा जारी रखे हुए हैं। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने रोमानिया की सोराना किर्स्टिया को 6-0 और 6-3 के करारी हार दी। कोको गॉफ और इगा स्वियातेक जैसी दिग्गज खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद भी टूर्नामेंट में रोमांच बना हुआ है और आंद्रीवा खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में उभर रही हैं।
तकनीकी विश्लेषण: क्ले कोर्ट पर आंद्रीवा की सटीकता 🎾
इस संस्करण में आंद्रीवा का खेल बेसलाइन से उनकी स्थिरता की विशेषता है। किर्स्टिया के खिलाफ, रूसी खिलाड़ी ने लंबी रैलियों में उल्लेखनीय नियंत्रण दिखाया, जिससे उनकी प्रतिद्वंद्वी से गैर-मजबूरी वाली गलतियाँ हुईं। सर्व की दिशा पढ़ने और गहरे समानांतर शॉट्स के साथ जवाब देने की उनकी क्षमता ने उन्हें महत्वपूर्ण अंकों पर हावी होने दिया। इसके अलावा, क्ले कोर्ट पर गतिशीलता एक निर्णायक कारक थी, जिससे वह खोई हुई समझी जाने वाली गेंदों को भी वापस ला रही थीं।
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जबकि किर्स्टिया ने शायद एक अधिक प्रतिस्पर्धी मैच की उम्मीद की होगी, आंद्रीवा ने फैसला किया कि रोमानियाई खिलाड़ी की झपकी जल्दी शुरू होनी चाहिए। पहले सेट में 6-0 एक ऐसा स्कोर है जो यह सोचने पर मजबूर करता है कि रोमानियाई खिलाड़ी के रैकेट ने समय से पहले फिजियो के पास जाने का समय मांग लिया था। सबसे अच्छी बात यह है कि युवा रूसी खिलाड़ी को पसीना भी नहीं आया; उसने बस वही किया जो वह जानती है: गेंद को मारना और दूसरे के गलती करने का इंतजार करना। ऐसे में तो कोई भी कर सकता है।