11 वर्षीय लिहाना की हत्या ने फ्रांस को हिलाकर रख दिया है। उसके हमलावर के खिलाफ पहले से शिकायतें दर्ज थीं, लेकिन उनके आधार पर गिरफ्तारी नहीं हुई। सरकार आजीवन कारावास का प्रस्ताव कर रही है, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि असली समस्या संसाधनों की कमी और अदालतों पर बढ़ता बोझ है। साधनों के बिना, बच्चों की सुरक्षा एक भ्रम मात्र है।
नौकरशाही के खिलाफ एल्गोरिदम: असफल न होने के लिए प्रौद्योगिकी 🤖
कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले केस प्रबंधन सिस्टम जोखिम भरी शिकायतों को प्राथमिकता दे सकते हैं, जैसे कि नाबालिगों से जुड़ी शिकायतें। एक ऐसा सॉफ्टवेयर जो पिछले रिकॉर्ड और न्यायिक अलर्ट के डेटा को क्रॉस-रेफरेंस करे, वह फाइलों को कागज के ढेर में खोने से बचा सकता है। लेकिन बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों में निवेश के बिना, कोई भी डिजिटल उपकरण रक्तस्राव पर लगाया गया एक पट्टी मात्र होगा।
आजीवन कारावास: वह पट्टी जो छेद को नहीं भरती 🩹
सरकार आजीवन कारावास का प्रस्ताव कर रही है, मानो यह न्याय के लिए कोई एंटीवायरस हो। लेकिन पहले से धीमे चल रहे कंप्यूटर पर एक भारी प्रोग्राम इंस्टॉल करने से वह और अधिक हैंग होगा। जब तक अदालतें कागजों के बाजार की तरह दिखती रहेंगी, शिकारियों के पास पीड़ितों की तुलना में अधिक अवसर होंगे।