लंदन सिटी हवाईअड्डा एयरबस A320neo जैसे विमानों को अधिक तीव्र अवतरण कोण और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की अनुमति मांग रहा है। इसका उद्देश्य उड़ानों की संख्या बढ़ाए बिना यात्री क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, राजनेताओं और स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया है, यह तर्क देते हुए कि इस उपाय से बसे हुए क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण और उत्सर्जन बढ़ेगा। अंतिम निर्णय अगले शरद ऋतु तक आने की उम्मीद है।
A320neo के अवतरण कोण और तकनीकी सीमाएँ ✈️
इस युद्धाभ्यास को करने के लिए, A320neo के पायलटों को सामान्य से अधिक झुका हुआ ग्लाइड पथ अपनाना होगा, जो मानक 3 डिग्री के बजाय लगभग 5.5 डिग्री होगा। इसके लिए उड़ान प्रणालियों और दृष्टिकोण प्रक्रियाओं में समायोजन की आवश्यकता होती है। हालांकि विमान में नई पीढ़ी के इंजन और कम ध्वनि छाप है, कम ऊंचाई पर संचालन करते समय संरचना और फ्लैप्स द्वारा उत्पन्न शोर एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। विमानन प्राधिकरण को यह मूल्यांकन करना होगा कि क्या परिचालन लाभ आस-पास के पड़ोस पर ध्वनिक प्रभाव की भरपाई करते हैं।
पड़ोसी: कीमतें कम हों, विमान नहीं ☕
इस प्रस्ताव ने प्रभावित लोगों की रचनात्मकता को जगा दिया है, जो पहले से ही खिड़कियों से झाँकने वाले यात्रियों को ऑटोग्राफ देने की संभावना पर अटकलें लगा रहे हैं। कुछ लोग मज़ाक में छतों पर स्क्रीन लगाने की बात कर रहे हैं ताकि लैंडिंग को नेशनल जियोग्राफिक डॉक्यूमेंट्री की तरह देखा जा सके। इस बीच, हवाईअड्डा आसमान को भरे बिना अधिक सीटें भरने का सपना देख रहा है। दूसरी ओर, पड़ोसी केवल इतना चाहते हैं कि शोर उन्हें कॉफी से पहले न जगाए।