कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वादा था कि यह हमें दोहराए जाने वाले कार्यों से मुक्त करेगी ताकि हम आराम या रचनात्मकता के लिए समय दे सकें। हालांकि, वास्तविकता एक अलग तस्वीर दिखाती है: कंपनियां कार्यभार बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं, उसी समय सीमा में अधिक उत्पादन की मांग कर रही हैं। समय की बचत आराम में नहीं, बल्कि नई मांगों में बदल रही है, जो यह साबित करता है कि उत्पादकता ही एकमात्र लक्ष्य बनी हुई है, चाहे कर्मचारियों की भलाई कुछ भी हो।
कैसे ऑटोमेशन प्रदर्शन का एक जाल छिपाता है 🤖
वर्चुअल असिस्टेंट और ऑटोमेशन टूल्स का कार्यान्वयन संगठनों को कर्मचारी के हर मिनट की निगरानी करने, तत्काल प्रतिक्रिया और निरंतर मल्टीटास्किंग की मांग करने की अनुमति देता है। कार्य दिवस को कम करने से दूर, AI ध्यान को विभाजित करता है और उन मृत समयों को समाप्त करता है जो पहले डिस्कनेक्ट करने के लिए उपयोग किए जाते थे। परिणाम एक अधिक तीव्र कार्य दिवस है, जहां हर सेकंड उत्पादक होना चाहिए। ऐसे नियमन के बिना जो दक्षता को घंटों में कमी में बदलने के लिए बाध्य करे, प्रौद्योगिकी केवल शोषण को गहरा करती है।
वह रोबोट जो आपसे और अधिक काम करने के लिए कहता है ताकि वह अकेला महसूस न करे 😅
पता चला कि काम का भविष्य वह नहीं है जहां रोबोट सब कुछ करें और आप झपकी लें, बल्कि यह देखने की दौड़ है कि कॉफी से पहले कौन अधिक ईमेल का जवाब दे सकता है। अब, जल्दी खत्म करने पर बधाई देने के बजाय, आपका बॉस पूछता है: और अगर आप अतिरिक्त समय का उपयोग प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए करें। AI आराम नहीं करता, लेकिन आप भी नहीं करते। तो अब आप जानते हैं: अगर आपको कोई खाली रोबोट दिखे, तो भाग जाएं, वह आपको दोगुना काम करवाएगा।