डोनट लैब ने जनवरी में मोटरसाइकिलों के लिए एक क्रांतिकारी सॉलिड-स्टेट बैटरी का वादा किया था, लेकिन एक यूट्यूबर और 20 विशेषज्ञों ने पाया कि यह एक सामान्य लिथियम बैटरी थी। तेज़ चार्जिंग और उच्च ऊर्जा घनत्व महज धुआँ था। स्टार्टअप स्वच्छ ऊर्जा में एक सामान्य धोखाधड़ी के साथ करोड़ों का निवेश जुटाना चाहता था: सार्वजनिक धन और भोले-भाले लोगों को हड़पने के लिए अस्तित्वहीन तकनीक बेचना।
कैसे बेचा गया तकनीकी बिल्ली को बैल बनाकर 🧨
विशेषज्ञों ने बैटरी का विश्लेषण किया और मानक लिथियम सेल पाए, जिनमें न तो ठोस इलेक्ट्रोलाइट था और न ही अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग क्षमता। डोनट लैब ने अपने प्रोटोटाइप को एक असेंबली छिपाने के लिए ऊर्जा क्रांति और रिकॉर्ड घनत्व जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जिस यूट्यूबर और 20 विशेषज्ञों ने इस झूठ का पर्दाफाश किया, वे संत नहीं थे: उनमें से कुछ प्रतिस्पर्धी थे या अन्य हितों द्वारा भुगतान किए गए थे। लेकिन इससे यह नहीं बदलता कि बैटरी नकली थी।
असंभव का वादा करने का व्यवसाय (और पैसे वसूलना) 💸
इस कहानी का सबसे अच्छा हिस्सा धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह है कि डोनट लैब के संस्थापक पहले से ही एक और समान स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं, जबकि सरकार सोच रही है कि अनुदान में दिए गए करोड़ों रुपये कैसे वसूले जाएं। असली सॉलिड-स्टेट बैटरी एक दशक में आएंगी, लेकिन तब तक, कुछ लोग तकनीकी परियों की कहानियों पर जीना पसंद करते हैं। करदाता पार्टी का खर्च उठाता है, और जादूगर पैसे लेकर भाग जाते हैं।