अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बायर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 1.25 मिलियन डॉलर के मुआवजे को रद्द कर दिया। यह खरपतवारनाशी राउंडअप से जुड़े कैंसर के मुकदमों को सीमित करता है, क्योंकि EPA इसे कैंसरकारी नहीं मानता। यह निर्णय नागरिकों को चेतावनी की कमी के लिए दावा करने से रोकता है, जिससे कंपनी को उन आलोचनाओं से बचाया जा सके जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर मुनाफे को प्राथमिकता देने का आरोप लगाती हैं।
नियामक विज्ञान और जोखिम मूल्यांकन में तकनीकी बाधाएं 🧪
यह निर्णय EPA के अधिकार पर आधारित है, जो पदार्थों को वर्गीकृत करने के लिए महामारी विज्ञान अध्ययन और जोखिम मॉडल का उपयोग करता है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ये विधियां हमेशा दीर्घकालिक प्रभावों या संयुक्त जोखिमों को कैप्चर नहीं करती हैं। वर्तमान पर्यावरण निगरानी तकनीक की कम खुराक में कार्सिनोजेन का पता लगाने की सीमाएं हैं, जिससे एक नियामक अंतर पैदा होता है जहां सबूत का बोझ उद्योग पर नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों पर पड़ता है।
राउंडअप: अब चेतावनी के साथ नहीं, बल्कि कानूनी सुरक्षा के साथ 🧑⚖️
बायर ने राहत की सांस ली: अब उसे अपने पैकेजों पर बदसूरत लेबल नहीं छापने होंगे। EPA का कहना है कि ग्लाइफोसेट सुरक्षित है, इसलिए अगर आपको कोई अजीब सी गांठ दिखती है, तो संभवतः यह खरपतवारनाशी के कारण नहीं, बल्कि मोबाइल फोन के कारण है। इस बीच, वादी के वकील नई रणनीतियों की तलाश कर रहे हैं, शायद बगीचे के WiFi को दोषी ठहराएं। विज्ञान आगे बढ़ता है, लेकिन सामान्य ज्ञान कभी-कभी पेटेंट कार्यालय में ही रह जाता है।