कोर्डोबा में राष्ट्रीय पुलिस ने खतरनाक गिरोह बैरियो 18 के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसे अल साल्वाडोर हत्या के आरोप में वांछित कर रहा है। यह भगोड़ा 2019 से स्पेन में छिपा हुआ था, बिना काम किए या बाहर निकले ताकि पकड़ा न जाए। उसकी गिरफ्तारी तब हुई जब वह बाहर झाँका, और अब वह जेल में अपने प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहा है ताकि अल साल्वाडोर की न्यायपालिका के सामने पेश हो सके।
भगोड़ों को पकड़ने में भू-स्थान और डिजिटल ट्रैकिंग की महत्वपूर्ण भूमिका 🕵️
इस भगोड़े की गिरफ्तारी दर्शाती है कि कैसे आधुनिक तकनीकी उपकरण सुरक्षा बलों को उन व्यक्तियों का पता लगाने में सक्षम बनाते हैं जो किसी का ध्यान नहीं खींचने की कोशिश करते हैं। भू-स्थान प्रणाली, अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस का क्रॉस-रेफरेंस और सार्वजनिक सेवाओं के उपयोग पैटर्न का विश्लेषण आवश्यक हैं। इस मामले में, संदिग्ध का काम न करना और किसी भी सामाजिक गतिविधि से बचना, सार्वजनिक सड़क पर कोई भी निकास एक गणना जोखिम बन गया, जिसका पुलिस ने अंततः फायदा उठाया।
पाँच साल बिना सड़क पर पैर रखे, और रोटी लेने निकलते ही पकड़ा गया 🥖
भगोड़े ने या तो संत जैसा धैर्य दिखाया या फिर भयानक डर: पाँच साल बिना काम किए, बिना धूप में निकले, बिना सुपरमार्केट गए। सब कुछ इसलिए कि अपनी पहली सड़क पर निकलते ही पकड़ा जाए। उसकी भागने की योजना भूकंप में ताश के महल जितनी मजबूत थी। अच्छा हुआ कि आखिरकार, न्याय और क्रोकेट की भूख आपराधिक चालाकी पर हमेशा भारी पड़ती है।