लंदन के मेयर ने भीषण गर्मी के कारण रिकॉर्ड शिकायतों के बाद बस चालकों के लिए समर्थन बढ़ाने का वादा किया है। वाहनों में एयर कंडीशनिंग का अभाव है, जिससे असहनीय स्थितियाँ पैदा होती हैं। इस कदम से चालकों को अत्यधिक गर्मी होने पर रुकने की अनुमति मिलेगी, जिससे सेवा में देरी हो सकती है, लेकिन इसका उद्देश्य उनके स्वास्थ्य और यात्रियों की सुरक्षा की रक्षा करना है।
तकनीकी प्रस्ताव: तापीय सेंसर और रुकने के प्रोटोकॉल 🌡️
प्रस्तावित समाधान में चालकों के केबिनों में तापमान सेंसर लगाना शामिल है, जो एक आपातकालीन प्रोटोकॉल से जुड़े होंगे। यदि थर्मामीटर एक निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो चालक वाहन को एक सुरक्षित स्टॉप पर रोक सकता है और निर्देशों की प्रतीक्षा कर सकता है। कम लागत वाले उपायों के रूप में परावर्तक पर्दे और मजबूर वेंटिलेशन के उपयोग का भी मूल्यांकन किया जा रहा है, हालांकि बेड़े की केंद्रीय समस्या एयर कंडीशनिंग की कमी बनी हुई है।
लंदन को पता चला कि पहियों वाले ग्रीनहाउस में सूरज जोर से मारता है 🚌
पता चला कि ब्रिटिश सूरज के नीचे एयर कंडीशनिंग के बिना एक बस सीटों वाले ओवन में बदल जाती है। चालक, जो पहले परिवहन के गुमनाम नायक थे, अब अपने ही पसीने के बरिस्ता बन गए हैं। फिलहाल समाधान यह है कि यदि थर्मामीटर पागल हो जाता है, तो बस रुक जाती है और सभी छाया की तलाश में उतर जाते हैं। अच्छा है कि लंदन में बारिश मुफ्त है, क्योंकि गर्मी, जाहिर है, मुफ्त नहीं है।