डॉयचे बान की ट्रेनें GSM-R संचार प्रणाली में तकनीकी खराबी के कारण दो घंटे से अधिक समय तक ठप रहीं। कंपनी ने सेवा बहाल कर दी, लेकिन अगली सुबह तक देरी और रद्दीकरण की चेतावनी दी है। प्रभावित यात्री समस्या के कारण की जांच होने तक टैक्सी या होटल वाउचर का विकल्प चुन सकते हैं।
GSM-R: जर्मन रेल नेटवर्क की अकिलीज़ हील 🚆
GSM-R प्रणाली रेलवे के लिए एक विशिष्ट डिजिटल संचार नेटवर्क है, जो GSM मानक पर आधारित है लेकिन रेलवे सुरक्षा आवृत्तियों और प्रोटोकॉल के अनुकूल है। यह ट्रेनों और नियंत्रण केंद्रों के बीच डेटा संचरण की अनुमति देता है, जिसमें आपातकालीन ब्रेकिंग सिग्नल और गति नियंत्रण शामिल हैं। इस प्रणाली में खराबी के कारण चालकों का सीधा संचार और परिचालन डेटा बंद हो जाता है, जिससे सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे बेड़े को रोकना पड़ता है। डॉयचे बान जांच कर रहा है कि यह सॉफ्टवेयर त्रुटि थी या हार्डवेयर विफलता।
जर्मनी: जहां ट्रेनें भी यूनियन की छुट्टी लेती हैं 😅
जब जर्मन ट्रेनें अपनी मर्जी से हड़ताल करने का फैसला करती हैं, तो यात्रियों को कोई सूचना नहीं मिलती। दो घंटे तक फंसे रहे, जबकि इंजीनियर GSM-R का रीसेट बटन ढूंढ रहे थे। मजेदार बात यह है कि सिस्टम शुक्रवार को फेल हुआ, ठीक उस समय जब हर कोई ऑफिस से भागना चाहता है। कंपनी टैक्सी और होटल की पेशकश करती है, लेकिन कई लोग अपने अंतिम गंतव्य से बेहतर फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे को जानने लगे। कम से कम डिब्बों में शिकायत ट्वीट करने के लिए अच्छा वाई-फाई तो है।