जर्मनी में पड़ रही भीषण गर्मी की लहर ने अग्निशमन कर्मियों और स्वास्थ्य केंद्रों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। ड्रेसडेन और कोलोन में, आपातकालीन सेवाओं ने वर्ष के सबसे व्यस्त दिन दर्ज किए। वृद्धाश्रमों में पतन और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं हुईं, जबकि अधिकारियों ने आबादी से केवल गंभीर मामलों में ही आपातकालीन विभाग में आने का अनुरोध किया। सबसे कमजोर लोग थर्मामीटर की कीमत चुका रहे हैं।
IoT सेंसर और थर्मल अलर्ट: हीट स्ट्रोक के खिलाफ तकनीक 🌡️
इन घटनाओं को कम करने के लिए, कुछ जर्मन शहर IoT सेंसर नेटवर्क तैनात कर रहे हैं जो आवासीय क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों में वास्तविक समय में तापमान और आर्द्रता की निगरानी करते हैं। ये सिस्टम जोखिम सीमा पार होने पर नियंत्रण केंद्रों को स्वचालित अलर्ट भेजते हैं। इसके अलावा, इन्हें स्वास्थ्य चेतावनी ऐप्स के साथ एकीकृत किया जाता है ताकि देखभाल करने वाले गर्मी से नुकसान होने से पहले कार्रवाई कर सकें। एक तकनीकी समाधान जो अभी तक हर जगह नहीं पहुंचा है।
जलवायु संकट के बीच एयर कंडीशनिंग एक विलासिता की वस्तु के रूप में ❄️
जहां अग्निशमन कर्मी आग बुझा रहे हैं और एम्बुलेंस निर्जलित बुजुर्गों को उठा रही हैं, वहीं भाग्यशाली लोग एयर कंडीशनिंग वाले शॉपिंग मॉल में शरण ले रहे हैं। बाकी लोग पसीना बहा रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि पड़ोस का ट्रांसफार्मर न जले। जर्मनी को पता चल रहा है कि गर्मी सिर्फ दक्षिणी यूरोप की समस्या नहीं है, और घर में पंखा होना डीजल इंजन का पेटेंट कराने जितना ही क्रांतिकारी है।