एप्पल ने अमेरिकी सरकार से CXMT से मेमोरी चिप्स खरीदने की अनुमति मांगी है, जो एक चीनी कंपनी है जिसे पेंटागन ने कथित सैन्य संबंधों के कारण ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कदम घटकों की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है, जो पहले से ही iPhones और iPads की कीमतों में वृद्धि में दिखाई दे रहा है। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को स्थिर कर सकता है।
एप्पल की याचिका के पीछे तकनीकी रणनीति 🧠
CXMT DRAM और NAND मेमोरी बनाती है, जो iPhone या iPad जैसे उपकरणों के लिए आवश्यक हैं। एप्पल उत्पादन क्षमता बनाए रखने के लिए इन घटकों पर निर्भर है, बिना पूरी तरह से Samsung या Micron पर निर्भर हुए, जिनकी कीमतें वैश्विक उच्च मांग के कारण बढ़ गई हैं। CXMT का सहारा लेकर, एप्पल अपनी आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने और लागत कम करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, सैन्य प्रतिबंध इस ऑपरेशन को जटिल बनाता है, क्योंकि पेंटागन को संदेह है कि चीनी कंपनी एशियाई देश की सेना के साथ सहयोग करती है। मंजूरी की गारंटी नहीं है।
टिम कुक की दुविधा: ब्लैकलिस्टेड लोगों से एहसान मांगना 😅
तो अब यह पता चला है कि एप्पल, वह कंपनी जो अपने कैलिफोर्निया डिजाइन का दावा करती है, उसे अमेरिकी सरकार से एक चीनी फर्म से चिप्स खरीदने की भीख मांगनी पड़ रही है, जिसे पेंटागन बुरी नजर से देखता है। यह अपने माता-पिता से मोहल्ले के बुरे लड़के के साथ पार्टी में जाने की अनुमति मांगने जैसा है, बस यहां बुरा लड़का मेमोरी बनाता है और सजा आपके iPhone की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। यदि टिम कुक को मंजूरी मिल जाती है, तो उपभोक्ता राहत की सांस लेंगे; यदि नहीं, तो अगले iPad के लिए अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार हो जाइए।