हम भुवनेश्वर कुमार की तकनीकी विशेषताओं को 3D में विस्तार से समझते हैं, जो भारतीय गेंदबाज नई गेंद से स्विंग पर राज करता है। यह विश्लेषण उनकी कलाई, उनके रिलीज़ एंगल और सीम की स्थिति पर केंद्रित है, जो बल्लेबाजों के लिए हैरान करने वाली उस हवाई गति को उत्पन्न करते हैं।
बांह की बायोमैकेनिक्स और रिलीज़ पॉइंट 🏏
3D मॉडल से पता चलता है कि कुमार एक्शन के दौरान अपनी कोहनी का कोण लगभग 90 डिग्री बनाए रखते हैं। उनका रिलीज़ पॉइंट ऊंचा है, लगभग घड़ी के 12 बजे, जिससे गेंद का सीम सीधे बल्लेबाज की ओर इशारा करता है। अंतिम क्षण में कलाई का घुमाव महत्वपूर्ण है: 45 डिग्री का एक मोड़ देर से स्विंग उत्पन्न करता है। बाएं कंधे का लक्ष्य के साथ संरेखण सुनिश्चित करता है कि प्रारंभिक प्रक्षेपवक्र सटीक हो, जो केवल अंतिम मीटर में विचलित होता है।
कलाई का राज, बल्लेबाज की फरियाद 😅
3D में देखने पर ऐसा लगता है कि भुवनेश्वर की कलाई में स्प्रिंग लगा है। जहां बल्लेबाज कसम खाता है कि गेंद सीधी जा रही थी, वहीं मॉडल अंतिम समय का एक मोड़ दिखाता है जो इसे हाथों या पैरों की ओर मोड़ देता है। ऐसा लगता है जैसे गेंद का अपना GPS हो और वह बिना बताए अपना रास्ता बदलने का फैसला करे। इस बीच, बल्लेबाज केवल स्विंग कर सकते हैं और उम्मीद कर सकते हैं कि वे अभिवादन करने में असफल न हों।