अंग्रेजी बल्लेबाज विल जैक्स ने अपनी कॉम्पैक्ट गतिविधियों के साथ बल्लेबाजी की गति उत्पन्न करने की क्षमता से T20 सर्किट में ध्यान आकर्षित किया है। उनकी तकनीक के त्रि-आयामी विश्लेषण से पता चलता है कि कैसे उनकी कलाई का घूमना और कोहनी का कोण उन्हें गेंद को उन क्षेत्रों में मारने की अनुमति देता है जहां अन्य खिलाड़ी नहीं पहुंच पाते। यह अध्ययन उन बायोमैकेनिकल डेटा को तोड़ता है जो उनकी प्रभावशीलता की व्याख्या करते हैं।
बैकलिफ्ट की बायोमैकेनिक्स: कलाई के कोण की भूमिका 🏏
3D मॉडल दिखाता है कि जैक्स बैकलिफ्ट के दौरान 145 डिग्री का कलाई का कोण बनाए रखता है, जो धड़ से बल्ले तक ऊर्जा के स्थानांतरण को अनुकूलित करता है। कोहनी उठाने वाले बल्लेबाजों के विपरीत, वह एक अधिक क्षैतिज गति का उपयोग करता है जो प्रतिक्रिया समय को कम करता है। सेंसर यह कैप्चर करते हैं कि प्रभाव से 0.2 सेकंड पहले उसका वजन पिछले पैर पर स्थानांतरित हो जाता है, जिससे लेग साइड की ओर एक सूखा और लक्षित शॉट संभव होता है।
उस पैर का रहस्य जो हिलता नहीं 🤔
विश्लेषकों ने देखा है कि जैक्स ड्राइव कनेक्ट करते समय अपने सामने वाले घुटने को मुश्किल से मोड़ता है। 3D मॉडल में, उसका पैर ग्रीन के बीच में भूल गए एक लाइट पोस्ट जैसा दिखता है। इंजीनियर अनुमान लगाते हैं कि यह जमीन के साथ घर्षण को कम करता है, हालांकि पारंपरिक कोच इसे मैनुअल की गलती मानते हैं। शायद रहस्य पैर में नहीं है, बल्कि इस तथ्य में है कि जैक्स दृढ़ता से मानता है कि घास लावा है।