सुनील नारायण गेंद नहीं फेंकते, वे उसे प्रोग्राम करते हैं। उनकी कलाई एक उच्च-सटीकता वाले सर्वोमोटर की तरह घूमती है, जो बल्लेबाज के लिए पढ़ना असंभव प्रभाव उत्पन्न करती है। हम 3D में घूर्णन वैक्टर और रिलीज़ पॉइंट का विश्लेषण करते हैं जो उनकी गेंदबाजी को एक गतिज पहेली में बदल देते हैं।
कलाई के घुमाव और रिलीज़ पॉइंट का गतिज मॉडलिंग 🌀
हमारे 3D मॉडल में, रिलीज़ से पहले नारायण की कलाई का कोण 270 डिग्री के आंतरिक घूर्णन तक पहुँचता है। घूर्णन की धुरी ऊर्ध्वाधर से 15 डिग्री विचलित होती है, जो एक पार्श्व ड्रैग उत्पन्न करती है जो प्रक्षेपवक्र को बदल देती है। घूर्णन गति 1800 आरपीएम से अधिक होती है, जिसमें मानक से 0.03 सेकंड विलंबित रिलीज़ पॉइंट होता है। यह बल्लेबाज की दृश्य प्रणाली को धोखा देता है, जो ऊँचाई और स्पिन के गलत डेटा को संसाधित करती है।
उस कलाई का रहस्य जिसे कोई नकल नहीं कर सकता (3D में भी नहीं) 🤯
हमने उनकी बांह को 3D में स्कैन किया है, वैक्टर की गणना की है और तरल पदार्थों का अनुकरण किया है। परिणाम स्पष्ट है: नारायण गेंद को ऐसे फेंकते हैं जैसे उनकी कोहनी में एक जॉयस्टिक हो। डिजिटल प्रतिकृतियां उनके हाव-भाव की नकल करने में विफल रहती हैं; सॉफ्टवेयर क्रैश हो जाता है। शायद उनका रहस्य भौतिकी में नहीं, बल्कि किसी डिजिटल इकाई के साथ एक अज्ञात समझौते में है। या फिर उनके पास बस ग्रह पर सबसे लचीली कलाई है।