मैथ्यू कुह्नेमैन, ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के स्पिनर, कोई सामान्य गेंदबाज नहीं हैं। उनकी शैली, जिसे अक्सर अपरंपरागत बताया जाता है, एक जटिल बायोमैकेनिकल तंत्र को छिपाती है। उनके अजीबोगरीब रिलीज़ एंगल से लेकर कंधे के घूमने तक, हर हरकत का एक उद्देश्य होता है। यह 3D विश्लेषण उन विशेषताओं को तोड़ता है जो उन्हें बाकियों से अलग करती हैं, और उनकी यांत्रिकी की एक विस्तृत झलक पेश करता है।
गेंदबाजी की बायोमैकेनिक्स: स्पिन और रिलीज़ पॉइंट 🏏
3D मॉडल से पता चलता है कि कुह्नेमैन गेंद को औसत से निचले बिंदु से, लगभग कूल्हे की ऊंचाई से छोड़ते हैं। यह, एक बेहद तेज़ कलाई के मूवमेंट के साथ मिलकर, एक स्पष्ट पार्श्व स्पिन उत्पन्न करता है जो बल्लेबाजों को चुनौती देता है। उनकी बांह की गतिकी से पता चलता है कि गेंद छोड़ने से ठीक पहले कोहनी अधिकतम 165 डिग्री तक फैलती है, यह कोण गति को कम करता है लेकिन प्रभाव को अधिकतम करता है। इसके अलावा, उनका सहायक पैर 45 डिग्री के मोड़ के साथ जमता है, जिससे वजन का स्थानांतरण आसान हो जाता है।
रबर बांह और टाइटेनियम कलाई का रहस्य 🤯
3D रेंडर के अनुसार, कुह्नेमैन की कलाई का भौतिकी के साथ एक गुप्त समझौता प्रतीत होता है। जहाँ उनकी बांह ऐसे मुड़ती है जैसे वह स्पेगेटी से बनी हो, वहीं गेंद लट्टू की तरह घूमती हुई निकलती है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर कोई उनकी क्रिया को दोहराने की कोशिश करे, तो उसका कंधा बैग में बंद हो जाएगा। कुछ अफवाहों से संकेत मिलता है कि उन्होंने यह तकनीक सुन्न बांह के साथ क्रिकेट खेलते हुए सीखी। मॉडल बताता है कि उनका रहस्य यह है कि उनके पास कोई रहस्य नहीं है: वह बस ऐसे ही गेंदबाजी करना जानते हैं।