एक छात्रा ने लंदन में किराए के लिए 12,000 पाउंड की जमा राशि दी। पहुँचने पर, उसने पाया कि 23 अन्य लोगों ने भी ऐसा ही किया था। रियल एस्टेट एजेंट पैसे लेकर गायब हो गया। यह कोई अलग मामला नहीं है: यह एक अनियंत्रित बाजार का परिणाम है, जहाँ जमा राशियाँ खगोलीय हैं और नियमन का पूर्ण अभाव है।
कानूनी खामी: बिना लाइसेंस या अनिवार्य बीमा के 🏚️
एजेंट को काम करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं थी। उसने फेसबुक या गुमट्री जैसे प्लेटफार्मों पर फ्लैट का विज्ञापन किया, जो पहचान सत्यापित नहीं करते हैं। ब्रिटिश सरकार ने वर्षों पहले एजेंटों के लिए देयता बीमा रखने की बाध्यता समाप्त कर दी थी। जमा राशि संरक्षण एजेंसियाँ अप्रभावी हैं। पैसा पहले ही विदेशी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया था। लंदन पुलिस एक निश्चित राशि से कम के धोखाधड़ी के मामलों की जाँच नहीं करती है। यह प्रणाली धोखेबाज को पुरस्कृत करती है और किराएदार को दंडित करती है।
ब्रिटिश समाधान: भुगतान करो और प्रार्थना करो 🙏
अगली बार जब आप लंदन में फ्लैट खोजें, तो संदर्भ या अनुबंध माँगने की जहमत न उठाएँ। बस अपना पैसा दें, उंगलियाँ क्रॉस करें और उम्मीद करें कि एजेंट एक ही फ्लैट के लिए 23 ग्राहकों वाला मार्केटिंग का जीनियस न हो। यदि आपके साथ धोखाधड़ी होती है, तो पुलिस को न बुलाएँ: बेहतर होगा कि धोखेबाज के लिए हवाई जहाज का टिकट खरीदने के लिए चंदा इकट्ठा करें। आखिरकार, उसने पहले ही आपकी जमा राशि से अपना टिकट खरीद लिया है।