डोलोरेस रेडोंडो 21 अक्टूबर को टोडास लास नोचेस, टोडास लास स्यूदादेस के साथ किताबों की दुकानों पर वापस आ रही हैं। कहानी एक ऐसे लेखक के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी ही किताब में वर्णित अपराधों का संदिग्ध बन जाता है। लेखिका वास्तविकता और कल्पना के बीच की रेखा को धुंधला करती है, पाठकों को एक दिलचस्प कहानी पेश करती है कि एक रचनाकार की कल्पना कहाँ तक जा सकती है।
रचनात्मक प्रक्रिया अपराध कथा का इंजन 📖
रेडोंडो ने उपन्यास को लेखक नायक के दृष्टिकोण से संरचित किया है, उनके शिल्प को कथा की धुरी के रूप में उपयोग करते हुए। पुलिस जांच उसी गति से आगे बढ़ती है जिस गति से पाठक पांडुलिपि के नोट्स, ड्राफ्ट और सुधारों की खोज करता है। यह तकनीक यह पता लगाने की अनुमति देती है कि किसी काम के दस्तावेज़ीकरण और तकनीकी विवरणों को अधिकारियों द्वारा कैसे गलत समझा जा सकता है। लेखिका दर्पणों का एक खेल बनाती है जहाँ अपराध का यथार्थवादी दस्तावेज़ीकरण उसके निर्माता के खिलाफ हो जाता है।
लेखकों के लिए सलाह: अपराधों पर इतनी अच्छी तरह से शोध न करें 🖋️
यदि आप एक लेखक हैं और आपकी अगली पुस्तक में हत्या शामिल है, तो शायद आपको ध्यान देना चाहिए: बहुत अधिक शोध करने से पुलिस आपके दरवाजे पर आ सकती है। रेडोंडो इस काम के दुःस्वप्न को एक उपन्यास में बदल देती हैं, यह साबित करते हुए कि अत्यधिक यथार्थवाद के अपने जोखिम हैं। सौभाग्य से, अधिकांश लेखक केवल तभी पुलिस स्टेशन पहुँचते हैं जब वे पुस्तकालय की किताबें वापस करना भूल जाते हैं।