सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप मिरेंडिल ने बिना कोई उत्पाद या राजस्व के 200 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इसका लक्ष्य एक ऐसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करना है जो AI में अनुसंधान को स्वचालित कर सके, जिससे विश्वविद्यालय और छोटी प्रयोगशालाएँ बिना बड़ी टीमों के विशेष मॉडल बना सकें। नागरिकों के लिए, यह चिकित्सा या सामग्री में प्रगति को गति दे सकता है, हालाँकि जोखिम स्पष्ट है।
एक ऐसी AI की तकनीकी चुनौती जो अनुसंधान करती है 🧪
परियोजना का लक्ष्य है कि AI न केवल डेटा संसाधित करे, बल्कि परिकल्पनाएँ तैयार करे, प्रयोग डिज़ाइन करे और निष्कर्ष निकाले। इसमें सुदृढीकरण सीखने और नए ज्ञान के सृजन जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल करना शामिल है। हालाँकि, न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद की कमी और राजस्व की अनुपस्थिति संदेह पैदा करती है। वादा यह है कि छोटी प्रयोगशालाएँ तकनीकी दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं, लेकिन तकनीकी रास्ता अनिश्चित है और इसे निरंतर सत्यापन की आवश्यकता है।
एक ऐसी AI के लिए 200 मिलियन जो अभी तक चालू होना भी नहीं जानती 🤖
मिरेंडिल ने कुछ ऐसा हासिल किया है जिससे कई स्टार्टअप ईर्ष्या करते हैं: बिना कुछ ठोस दिखाए भारी धनराशि जुटाना। इसकी योजना है कि AI अपने आप अनुसंधान करे, लेकिन अभी के लिए यह केवल यह शोध कर रहा है कि पैसा कैसे खर्च किया जाए। यदि परियोजना विफल होती है, तो कम से कम यह साबित होगा कि फंडिंग माँगना प्रोग्रामिंग से आसान है। इस बीच, विश्वविद्यालय बैठे-बैठे इंतज़ार कर रहे हैं कि मशीन काम पर लगने का फैसला करे।